जोधपुर में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने पर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला, नेताओं ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
2 को किडनी फेल होने की शिकायत आई
जयपुर। जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले ने राजस्थान राजनीति गरमा दी है। कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर में भी 6 महिलाओं को सेप्टीसीमिया तथा 2 को किडनी फेल होने की शिकायत आई है। 2 प्रसूताओं की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें जोधपुर के एमडीएम अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया। ऑपरेशन थिएटर को सील कर जांच शुरू कर दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मामले को बेहद चिंताजनक बताते हुए भाजपा सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोटा, बीकानेर और अब जोधपुर में लगातार प्रसूताओं की जान को खतरा हो रहा है।
गहलोत ने स्वास्थ्य मंत्री के बयानों की आलोचना की और मांग की कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, साथ ही महिलाओं को अस्पतालों पर भरोसा दिलाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार को स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाने का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में सरकारी अस्पतालों में संक्रमण और घटिया दवाओं की समस्या बढ़ गई है, जिससे मातृ स्वास्थ्य संकट गहरा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी हमला बोलते हुए कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने जांच रिपोर्ट में लापरवाही उजागर होने के बावजूद कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली युवा पीढ़ी और महिलाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही है।

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