पुलिस कमिश्नरेट पर प्रदर्शन से कांग्रेस की जमीनी स्थिति का आकलन, भीड़ जुटाने की दिखी चुनौती
डोटासरा समर्थकों ने भीड़ जुटाई
जयपुर। रितु बराला जीरो एफआईआर मामले में राजस्थान कांग्रेस के पुलिस कमिश्नरेट जयपुर पर किए गए प्रदर्शन में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ नहीं जुटने से पार्टी नेताओं की संगठनात्मक ताकत पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदर्शन में कांग्रेस के विभिन्न गुटों के नेताओं और उनके समर्थकों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम नजर आई। ऐसे में यह प्रदर्शन कांग्रेस के भीतर संगठन की जमीनी स्थिति का अनौपचारिक आकलन भी बन गया।
राजधानी में प्रदर्शन में भीड़ जुटाने की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी जिले के नेताओं की होती है। ऐसे में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के नेतृत्व और प्रभाव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। निकाय चुनाव में 57 पार्षद जीतकर आए। एक पार्षद 10 व्यक्ति भी लाता तो 500 से ज्यादा लोग शामिल होते। विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी मुख्य रूप से खुद ही सक्रिय नजर आए, लेकिन समर्थकों की संख्या कम रही।
डोटासरा समर्थकों ने भीड़ जुटाई
प्रदर्शन में अधिकांश डोटासरा समर्थक नेताओं ने ही भीड़ जुटाने में सक्रिय भूमिका अदा की। युवा कांग्रेस नेता अभिषेक चौधरी के साथ आए कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कुछ हद तक भीड़ का असर बना रखा।
पंचायत चुनाव में राजनीतिक असर की आशंका
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव के विभिन्न चरणों में इस प्रदर्शन का राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।

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