रितु बराला जीरो एफआईआर मामले में 42 घंटे बाद कांग्रेस का धरना समाप्त, अब कोर्ट का रुख करेंगे नेता
पुलिस के लिखित इनकार के बाद कमिश्नरेट से बाहर आए डोटासरा
जयपुर। एनएसयूआई राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से दिल्ली में कथित मारपीट के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में चल रहा कांग्रेस का करीब 42 घंटे लंबा धरना बुधवार को समाप्त हो गया। पुलिस द्वारा लिखित रूप से इनकार करने के बाद पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा समेत नेता कमिश्नरेट ऑफिस से बाहर आए और एफआईआर के लिए कोर्ट जाने की घोषणा की।
सोमवार शाम शुरू हुए इस धरने में डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, रितु बराला और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे। नेताओं ने कमिश्नरेट परिसर में रातें गुजारीं। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल से वार्ता और अधिकारियों द्वारा लाए गए लेटर में दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में पहले से दर्ज परिवाद का हवाला देते हुए जीरो एफआईआर से इनकार किया गया। पुलिस का कहना था कि समान तथ्यों पर दूसरी एफआईआर कानूनी रूप से संभव नहीं।
धरना समाप्त करने के बाद डोटासरा ने मीडिया से कहा कि पुलिस ने लिखित में दे दिया कि शिकायत होने पर जीरो एफआईआर नहीं हो सकती। यह कानून की गलत व्याख्या है। केरल में इसी कानून के तहत जीरो एफआईआर दर्ज हुई। अब हम कोर्ट जाएंगे। अदालत तय करेगी कि एक ही कानून राजस्थान में क्यों लागू नहीं हो रहा। रितु बराला ने सरकार के दबाव का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दिल्ली पुलिस की महिला आरक्षी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। पुलिस ने दिल्ली में जांच जारी होने का दावा किया। धरने के दौरान पुलिस-कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी। अब मामला अदालत में जाने की तैयारी है।

Comment List