रामगढ़ मोड़ से लापता महेश चंद्र शर्मा की मौत, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझी पुलिस
अचानक मोबाइल चालू होने की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
जयपुर। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र से जुड़े महेश चंद्र शर्मा की मौत के मामले में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, परिजनों ने सरकार से परिवार के सदस्य को संविदा पर नौकरी देने, डेयरी बूथ आवंटित करने और आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है। इस संबंध में विधायक और जिला कलेक्टर के माध्यम से सरकार तक पत्र पहुंचाया गया है। एसीपी आमेर प्रतीक सिंह ने बताया कि महेश चंद्र शर्मा (35) निवासी पातलवास, बंदा की ढाणी, थाना आंधी, जयपुर ग्रामीण रोजाना अपनी बस से गांव से सवारियां लेकर रामगढ़ मोड़ स्थित मांझी की छतरी तक आते थे।
इसके बाद शाम को वापस गांव लौट जाते थे। परिजनों की रिपोर्ट के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को महेश सुबह करीब 6:30 बजे गांव से सवारियां लेकर रवाना हुए। सुबह करीब 8:30 बजे रामगढ़ मोड़ स्थित मांझी की छतरी पर सवारियां उतारने के बाद उन्होंने बस को रामगढ़ मोड़ बस स्टैंड के बाड़े में खड़ा कर दिया। इसके बाद वह बस स्टैंड पर मौजूद थे। परिजनों के मुताबिक, उन्हें आखिरी बार सुबह करीब 10 बजे देखा गया था। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। महेश का मोबाइल अचानक कैसे हुआ चालू महेश का नंबर बंद था। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद अचानक महेश का मोबाइल की लोकेशन आमेर की मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर देखा शव आधा सड़ा मिला और उसका मोबाइल चालू था मोबाइल चालू कैसे हुआ इस गुत्थी कोपुलिस सुलझाने में लगी है।

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