नवरात्र पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए 100 नई कालिका यूनिट्स शुरू, पुलिसकर्मियों को हर महीने मिलेगा यात्रा भत्ता
महिला अत्याचार के मामलों में 48% से अधिक कमी का दावा
जयपुर। नवरात्र के मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला सुरक्षा को लेकर प्रदेश को 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स की सौगात दी। रविवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को थानों और चौकियों में पदस्थापित पुलिसकर्मियों की तर्ज पर हर महीने निश्चित यात्रा भत्ता देने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्वतंत्रता और आत्मविश्वास से जुड़ा विषय है। सरकार का संकल्प है कि महिलाएं और बालिकाएं बिना किसी डर के शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ सकें।
महिला अत्याचार के मामलों में 48% से ज्यादा कमी का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स और महिला यूथ सीएलजी सदस्यों की सक्रियता का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में महिला अत्याचार के मामलों में करीब 48% से अधिक की कमी आई है। वहीं, ऐसे मामलों में अनुसंधान का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है।
उन्होंने बताया कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स ने अब तक 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की है। करीब 50 लाख महिलाओं और बालिकाओं को कानून तथा 18 लाख से अधिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है। इसके अलावा 16.70 लाख से ज्यादा महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है।
1090 हेल्पलाइन पर 28 हजार शिकायतों का निस्तारण
सीएम ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड संचालित हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 पर पिछले पौने तीन साल में 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है। वहीं, अभय कमांड सेंटर के माध्यम से प्रदेशभर में 12,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए पुलिस की सक्रियता के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है।
थानों में नियमित बैठकें करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सामुदायिक पुलिसिंग को महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण का अहम माध्यम बताया। उन्होंने अधिकारियों से थानों में सीएलजी सदस्यों की नियमित बैठकें करने और गांवों व शहरी क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने को कहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत 2.60 लाख से अधिक लोगों को जोड़ा गया है। इनमें 84 हजार से ज्यादा यूथ सीएलजी सदस्य, 83 हजार से अधिक सीएलजी सदस्य, 40 हजार पुलिस मित्र और 29 हजार ग्राम रक्षक शामिल हैं।
सीएम ने पुलिसकर्मियों से कहा कि किसी भी पीड़ित महिला या बालिका की शिकायत गंभीरता से सुनें। उसकी निजता और गरिमा का ध्यान रखते हुए जरूरी सहायता उपलब्ध कराएं। स्कूल-कॉलेज, बाजार, सार्वजनिक परिवहन स्थलों और कार्यस्थलों पर नियमित गश्त व निगरानी सुनिश्चित की जाए।
महिला पुलिसकर्मियों और सीएलजी सदस्यों से संवाद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स की महिला पुलिसकर्मियों से उनके अनुभव और सुझाव जाने। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़ी महिला यूथ सीएलजी सदस्यों से भी संवाद किया। गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। कालिका यूनिट्स की सक्रियता से महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम के महापौर सुनील कोठारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत सहित अन्य अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

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