आधार नहीं होने पर भी बच्चों की छात्रवृत्ति नहीं रुकेगी, केंद्र सरकार ने जारी किए निर्देश
अभिभावकों की सहमति से आधार नामांकन की सुविधा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार सत्यापन विफल होने या आधार कार्ड न होने की स्थिति में बच्चों को 'अनुसूचित जाति एवं अन्य श्रेणियों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना' के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता, बशर्ते निर्धारित वैकल्पिक प्रक्रिया के तहत उनकी पहचान सत्यापित की गई हो। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधिसूचना उन बच्चों को भी सुरक्षा प्रदान करती है, जिन्होंने आधार नामांकन के लिए आवेदन किया है और आधार नंबर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
अधिसूचना के अनुसार, लाभार्थियों के लिए आधार प्रमाणीकरण कराना या आधार नंबर होने का प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है। जिन बच्चों के पास आधार नहीं है, उन्हें नामांकन के लिए आवेदन करना होगा। बच्चों के मामले में, इस आवेदन के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति अनिवार्य है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्दिष्ट परिस्थितियों में "किसी भी बच्चे को लाभ देने से इंकार नहीं किया जाएगा।" अधिकारियों को निर्धारित दस्तावेजी प्रक्रिया के माध्यम से बच्चे की पहचान और उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक के साथ संबंध की पुष्टि करनी होगी। ऐसे मामलों को रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा और समय-समय पर इनकी समीक्षा व ऑडिट किया जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से लागू की जाने वाली यह योजना अनुसूचित जाति के छात्रों और अस्वच्छ तथा जोखिम भरे व्यवसायों में लगे माता-पिता या अभिभावकों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करती है।
यदि बायोमेट्रिक सत्यापन में विफल रहती है, तो नियम के अनुसार बायोमेट्रिक के किसी अन्य तरीके अथवा वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्रमाणीकरण का अवसर दिया जाएगा। इन साधनों के न होने पर, आधार के सुरक्षित क्यूआर कोड या पेपरलेस ऑफलाइन पहचान दस्तावेज के तय मानक सत्यापन के आधार पर योजना का लाभ दिया जा सकता है। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र लाभार्थियों के लिए, विभाग को लाभ से वंचित होने से रोकने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) मिशन के निर्धारित अपवाद प्रबंधन प्रणाली का पालन करना होगा। यह अधिसूचना आधिकारिक राजपत्र में इसके प्रकाशन की तिथि से लागू होगी।

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