आयकर अधिनियम 2025 के प्रावधानों पर चर्चा, बैंकों को Form 165 और PAN सत्यापन की जानकारी
विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल
जयपुर। आयकर निदेशालय (आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण), राजस्थान, जयपुर की ओर से प्रदेश के सहकारी बैंकों सहित 25 बैंकों के प्रतिनिधियों के लिए जागरूकता एवं संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वित्तीय लेन-देन विवरण (SFT) के तहत उच्च-मूल्य के लेन-देन की रिपोर्टिंग से जुड़े वैधानिक प्रावधानों और अनुपालन आवश्यकताओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयकर निदेशक प्रतिभा मीना ने की। इसमें अपर आयकर निदेशक सोनिया महाजन, अपर आयकर आयुक्त (TDS) हितिशा रुहेला सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में आयकर अधिनियम, 2025 के प्रासंगिक प्रावधानों पर चर्चा करते हुए Form 165 के तहत रिपोर्टिंग तथा PAN उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में Forms 97 और 98 के माध्यम से सूचना देने की आवश्यकताओं पर विशेष जोर दिया गया। बैंकों को उच्च-मूल्य के लेन-देन की सही पहचान, खाताधारकों के विवरण और PAN सहित पहचान संबंधी जानकारी के सत्यापन तथा निर्धारित समय-सीमा में रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देशों से अवगत कराया गया। आयकर विभाग के TDS विंग ने भी स्रोत पर कर कटौती संबंधी नियमों के पालन की आवश्यकता बताई। अधिकारियों ने डेटा की शुद्धता, आंतरिक जांच व्यवस्था मजबूत करने और रिपोर्टिंग में त्रुटियों का समय पर सुधार करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बैंकों की व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा कर अनुपालन व्यवस्था बेहतर बनाने के उपाय सुझाए गए।

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