गहलोत के परम शिष्य है डोटासरा, वह खुद भी दुविधा में : गहलोत खुद कह रहे है आसन का सम्मान होना चाहिए, राठौड़ ने कहा - कांग्रेस में भी आपसी अंतर्कलह
कांग्रेस में भी आपसी अंतर्कलह
कांग्रेस के विधायकों के साथ गतिरोध को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष तय हुआ था कि गोविंद सिंह डोटासरा विधानसभा में पूरी घटना पर खेद प्रकट करेंगे लेकिन वह सदन में आकर उसे पर पलट गए।
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने महाशिवरात्रि के मौके पर विद्याधर नगर स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा में व्याप्त हुए गतिरोध को लेकर कहा कि राजस्थान विधानसभा में आम जनता जनप्रतिनिधियों को उनके मुद्दे उठाने और आमजन की बात रखने के लिए भेजती है। यहां आकर हंगामा करना और अनर्गल बयान बाजी करना किसी भी स्थिति में सही नहीं है।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों के साथ गतिरोध को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष तय हुआ था कि गोविंद सिंह डोटासरा विधानसभा में पूरी घटना पर खेद प्रकट करेंगे, लेकिन वह सदन में आकर उसे पर पलट गए। आसान को लेकर भी कई तरह की टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वह परम शिष्य हैं, गहलोत भी दुविधा में है, लेकिन कांग्रेस में भी आपसी अंतर्कलह है। गहलोत खुद कह रहे हैं की आसन का सम्मान होना चाहिए।
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