ईपीएफओ का दायरा बढ़ा : 25 हजार तक वेतन वालों को मिलेगा कवरेज, 51 लाख अतिरिक्त कार्मिकों को भी मिलेगी कवरेज
नई वेतन सीमा 17 सितंबर से प्रभावी
जयपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने कर्मचारियों के अनिवार्य ईपीएफओ कवरेज के लिए निर्धारित वेतन सीमा को 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया है।
नई वेतन सीमा 17 सितंबर से प्रभावी हो गई है, इससे 15 हजार से अधिक और 25 हजार रुपए तक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारी अब ईपीएफ के सामाजिक सुरक्षा दायरे में आ सकेंगे। देशभर में करीब 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों को पहली बार ईपीएफओ कवरेज मिलने की उम्मीद है। जयपुर ज्याोति नगर स्थित ईपीएफओ के आंचलिक कार्यालय के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त एवं प्रभारी राजस्थान अजीत कुमार ने बताया कि नए प्रावधान के तहत पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ बचत के साथ कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना यानी ईडीएलआई का लाभ भी मिलेगा। नियोक्ताओं से संशोधित वेतन सीमा के अनुसार अनुपालन सुनिश्चित करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ईसीआर दाखिल करने का आग्रह किया है।
राजस्थान में 26 हजार से ज्यादा संस्थान पंजीकृत :
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत राजस्थान में अब तक 26,694 संस्थान पंजीकृत हो चुके हैं। योजना से 44 हजार से अधिक पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को लाभ मिला है। 2,515 संस्थानों को 53 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है।
31 अक्टूबर तक चलेगा कर्मचारी नामांकन अभियान :
ईपीएफओ का कर्मचारी नामांकन अभियान 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक चलेगा। जिसमें एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच नियुक्त और वर्तमान में सेवा में कार्यरत ऐसे पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाने का अवसर दिया जा रहा है, जो अब तक भविष्य निधि सदस्य नहीं बन पाए हैं। ऐसे मामलों में जहां कर्मचारी का अंशदान पहले नहीं काटा गया है, कर्मचारी अंशदान माफ किए जाने का प्रावधान है। नियोक्ता को नियमानुसार नियोक्ता अंशदान, ब्याज और प्रशासनिक शुल्क जमा करना होगा, जबकि क्षति राशि 100 रुपए निर्धारित की गई है। विश्वास योजना 2026 के तहत विलंबित ईपीएफ अंशदान से जुड़े मामलों में अनुपालन आसान बनाने और विवादों के समाधान के लिए विलंबित भुगतान पर देय क्षति राशि को कम किया है।

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