2047 का जयपुर कैसा हो : विशेषज्ञों ने सुझाए विकास के रास्ते, प्लानिंग से लेकर परिवहन, आवास, निवेश और पर्यावरण तक पर हुआ संवाद
मानव संसाधन विकास को भविष्य के जयपुर के लिए महत्वपूर्ण बताया
जयपुर। जयपुर शहर के सुनियोजित, समावेशी और दीर्घकालीन विकास को लेकर जयपुर डेवलपमेंट मास्टर प्लान 2047 विषय पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में विशेष संवाद एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया। डेजर्ट डायमंड फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में नगर नियोजन, प्रशासन, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, वास्तुकला, कानून, वित्त और ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। वक्ताओं ने जयपुर के भविष्य की विकास योजना में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्योग जगत और नागरिक हितधारकों के सुझावों को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यूडीएच के प्रधान सलाहकार एवं पूर्व मुख्य नगर नियोजक एचएस संचेती ने शहरी नियोजन और विकास से जुड़े अनुभव साझा किए। कैडमैक्स गु्रप के एमडी एवं यूसीएमए के उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, पूर्व आयकर मुख्य आयुक्त नरेंद्र गौर, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के पूर्व चेयरमैन अजय पाल सिंह, इंटरनेशनल मारवाड़ी फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल सहित अन्य विशेषज्ञों ने विचार रखे। ऊर्जा विशेषज्ञ जितेंद्र सिंह ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और सतत विकास, जबकि ज्वैलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष राजू अग्रवाल मंगोड़ीवाला ने व्यापारिक समुदाय की आवश्यकताओं पर चर्चा की। डॉ. पीएम भारद्वाज ने युवाओं के कौशल, नेतृत्व और मानव संसाधन विकास को भविष्य के जयपुर के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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