गबन, दुर्विनियोजन व हानि के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश, वित्त विभाग ने जारी किया परिपत्र
विभागीय आंतरिक जांच दलों के माध्यम से नियमित जांच सुनिश्चित
वित्त विभाग ने राजकीय गबन, दुर्विनियोजन, चोरी एवं राजस्व हानि के प्रकरणों में प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए। अंकेक्षण अनुभाग ने आदेश में सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों एवं जिला कलेक्टरों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
जयपुर। वित्त विभाग ने राजकीय गबन, दुर्विनियोजन, चोरी एवं राजस्व हानि के प्रकरणों में प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। अंकेक्षण अनुभाग ने आदेश में सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों एवं जिला कलेक्टरों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग ने अपने परिपत्र में कहा है कि विभागों द्वारा गबन, दुर्विनियोजन एवं हानि की राशि की वसूली, दंडात्मक कार्रवाई और विभागीय निर्देशों के पालन में गंभीर शिथिलता बरती जा रही है। इस कारण भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा भी राज्य वित्त से संबंधित प्रतिवेदनों में बार-बार आपत्तियां उठाई जा रही हैं। परिपत्र में निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर एक सुदृढ़ कार्य प्रणाली विकसित करे तथा विभागीय आंतरिक जांच दलों के माध्यम से नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
बैंक से समय पर लेखा मिलान, कोषागार से समन्वय, स्टोर का भौतिक सत्यापन और सामग्री की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। जैसे ही किसी गबन, चोरी या दुर्विनियोजन की जानकारी मिले, संबंधित कार्यालय को तत्काल प्रशासनिक विभाग, वित्त विभाग और निदेशक निरीक्षण विभाग को सूचित करते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज करानी होगी। प्रारंभिक जांच में पुष्टि होने पर विस्तृत जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई अनिवार्य रूप से शुरू की जाएगी। वित्त विभाग ने सेवानिवृत्ति से पूर्व ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई पूर्ण करने पर जोर देते हुए निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

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