पूर्व सीएम वसुंधरा का कथित पत्र वायरल मामला : भोपाल से तीन को पकड़ा, आज राजस्थान लेकर आएगी पुलिस
तीनों बताए जा रहे हैं कांग्रेस आईटी सेल के वर्कर
वसुंधरा राजे का कथित पत्र वायरल प्रकरण में मध्यप्रदेश पुलिस ने तीन व्यक्तियों को पकड़ा। तीनों कांग्रेस आईटी सेल के कार्यकर्ता बताए गए। आरोप है कि इन तीनों ने राजे के एक कथित पत्र को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। जिन व्यक्तियों को पकड़ा है, उनमें निखिल, बिलाल और इनाम शामिल।
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कथित पत्र वायरल प्रकरण में मध्यप्रदेश पुलिस ने तीन व्यक्तियों को पकड़ा है। तीनों कांग्रेस आईटी सेल के कार्यकर्ता बताए गए हैं। आरोप है कि इन तीनों ने राजे के एक कथित पत्र को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। जिन व्यक्तियों को पकड़ा है, उनमें निखिल, बिलाल और इनाम शामिल हैं। यह जानाकारी कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने फेसबुक के माध्यम से दी है। खबरों के अनुसार पुलिस ने शुरू में कांग्रेस आईटी सेल के 7 कार्यकर्ताओं को उठाया था, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया।
अवैध रूप से पुलिस हिरासत में रखना निंदनीय: चौधरी
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस आईटी सेल के कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से पुलिस हिरासत में रखना निंदनीय है और यह कानून व लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि असहमति की आवाज दबाने का यह तरीका स्वीकार्य नहीं है और यह सत्ता के दुरुपयोग को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि सभी कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए। मामले की निष्पक्ष जांच हो। चौधरी ने कहा कि संगठन कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ा है और न्याय नहीं मिलने पर अदालत का रुख करेगा।
वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी: वसुंधरा
इस कथित पत्र के वायरल होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने लिखा था कि सांच को आंच की जरूरत नहीं है। वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी मात्र है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयास का में ही नहीं, देश की हर महिला स्वागत कर रही हैं। यह तय मान लीजिए कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाले ऐसे लोग चौथी बार भी विपक्ष में ही बैठने की तैयारी कर चुके हैं। ऐसे लोग चाहे जितना भ्रम फैलाएं, बाधाएं उत्पन्न करें।

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