हरियाणा-पंजाब-राजस्थान को मिलेगा लाभ, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा- सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान नहीं जाने देंगे
घर-घर पानी पहुंचाना राज्यों की जिम्मेदारी
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि पाकिस्तान जाने वाले सिंधु नदी के पानी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री स्तर पर योजना बनाई जा रही है। पानी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को मिलेगा। शेखावाटी के तीन जिलों को यमुना का पानी उपलब्ध कराने की प्रगति हुई।
जयपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि पाकिस्तान जाने वाले सिंधु नदी के पानी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री स्तर पर कार्य योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को एक बूंद पानी नहीं दिया जाएगा और इस पानी का उपयोग हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों को उपलब्ध कराने में किया जाएगा।
पाटिल ने कहा कि राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के तीन जिलों को यमुना का पानी उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी है और अब परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरप्लस वाटर का हिस्सा राजस्थान को मिल सके, इसके लिए तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि संशोधित बीके योजना की डीपीआर मंत्रालय को प्राप्त हो चुकी है और उसका परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पाटिल ने कहा कि आने वाले समय में पानी के मामले में राजस्थान की स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पानी के मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर हैं और लगातार इस विषय पर केंद्र से संवाद करते रहते हैं। योजनाओं को राष्ट्रीय दर्जा देने के सवाल पर पाटिल ने कहा कि यह निर्णय केंद्रीय कैबिनेट के स्तर पर होता है। उनका उद्देश्य परियोजनाओं को पूरा कर खेती और पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराना है, चाहे निवेश किसी भी सरकार द्वारा किया जाए, लाभ जनता को मिलना चाहिए।
लोकसभा में हाल ही में हुए घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए पाटिल ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की महिला सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री की सीट को घेरना दुर्भाग्यपूर्ण था। लोकसभा प्रश्न और चर्चा का मंच है, विरोध अपनी सीट पर खड़े होकर भी दर्ज कराया जा सकता है।
जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा कि घर-घर पानी पहुंचाना राज्यों की जिम्मेदारी है, लेकिन केंद्र सरकार ने पहली बार इस मिशन के तहत राज्यों को 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी है। मंत्रालय को इस योजना से जुड़ी 4000 से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें कुछ अधिकारियों और मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं। राजस्थान में इस मामले में एक पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

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