राज्य में राजस्व संग्रहण के लिए e-GRAS के स्थान पर IFMS 3.0 आधारित RMS लागू, 21 जनवरी 2026 से होगा प्रथम चरण में क्रियान्वयन

e-GRAS पर राजस्व संग्रहण की सेवाएं समाप्त

राज्य में राजस्व संग्रहण के लिए e-GRAS के स्थान पर IFMS 3.0 आधारित RMS लागू, 21 जनवरी 2026 से होगा प्रथम चरण में क्रियान्वयन

राज्य सरकार ने राजस्व संग्रहण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। वित्त विभाग ने एक परिपत्र जारी कर e-GRAS के स्थान पर IFMS 3.0 के अंतर्गत विकसित Revenue Management System को लागू करने का निर्णय लिया। यह नई प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।

जयपुर। राज्य सरकार ने राजस्व संग्रहण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त (कोष एवं लेखा) विभाग ने एक परिपत्र जारी कर e-GRAS के स्थान पर IFMS 3.0 के अंतर्गत विकसित Revenue Management System (RMS) को लागू करने का निर्णय लिया है। यह नई प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। परिपत्र के अनुसार, IFMS के माध्यम से पहले ही संवेतन, अन्य भुगतान, बजट, पेंशन, केन्द्रीय प्रवर्तित योजनाओं, SNA-SPARSH, Earned Salary Advance, Vendor Registration सहित कई वित्तीय प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में अब राजस्व संग्रहण के लिए RMS विकसित किया गया है।

प्रथम चरण में 21 जनवरी 2026 से तीन विभागों में RMS लागू किया जाएगा। इनमें फैक्ट्री एवं बॉयलर्स विभाग, श्रम विभाग तथा राज्य बीमा एवं भविष्य निधि विभाग शामिल हैं। इन विभागों से संबंधित राजस्व मदों का संग्रहण अब RMS के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही e-GRAS पोर्टल पर उपलब्ध इन विभागों से जुड़ी सेवाएं और रिपोर्ट्स बंद कर दी जाएंगी तथा समस्त डेटा RMS पर हस्तांतरित किया जाएगा। RMS के अंतर्गत जमाकर्ताओं को Citizen Self Service के माध्यम से ऑनलाइन एवं मैन्युअल चालान बनाने की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष, ई-कोषाधिकारी एवं कोषाधिकारी Accounting Workspace के जरिए चालान निर्माण, चालान अवलोकन, बजट मदवार रिपोर्ट, TO Verification एवं Deface Challan जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। भविष्य में e-GRAS की अन्य सेवाएं भी RMS पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

नई प्रणाली में GRN के माध्यम से बैंक से राशि जमा होने के बाद स्वतः स्टेटस अपडेट होगा और डेटा RMS से e-Pass को भेजा जाएगा। फिलहाल Daily Scroll, DMS अपलोड, मिलान एवं लेखा परीक्षण संबंधी कार्य e-Pass पर ही किए जाएंगे, जो RMS से इंटीग्रेटेड होंगे।
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी अधिकृत बैंकों का RMS से शीघ्र एकीकरण किया जाएगा। जब RMS सभी विभागों में पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा, तब e-GRAS पर राजस्व संग्रहण की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।

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