बच्चियों की शिक्षा से जुड़ी राहत की ख़बर: अब बच्ची के जन्म से शिक्षा दिलाने तक सरकार करेगी निगरानी

माता-पिता की टेंशन खत्म: चार महकमों की स्कीमों का इंटीग्रेटेड सिस्टम होगा तैयार

बच्चियों की शिक्षा से जुड़ी राहत की ख़बर: अब बच्ची के जन्म से शिक्षा दिलाने तक सरकार करेगी निगरानी
इंटीग्रेटेड सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य सचिव ने तीन आईएएस अधिकारियों को जिम्मा सौंपा है।

जयपुर। बच्ची के जन्म लेने के बाद अब माता-पिता की टेंशन नहीं होगी। जन्म से स्कूल में शिक्षा दिलाने तक की जिम्मेदारी सरकार की होगी। इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए सरकार एक इंटीग्रेटेड सिस्टम तैयार कर रही है ताकि बच्ची को सभी सरकारी योजनाओं का स्वत: ही लाभ मिल सके। इस सिस्टम के बाद योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभागों में बार-बार आवेदन नहीं करना पड़ेगा।

तीन अधिकारियों को जिम्मा
इंटीग्रेटेड सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य सचिव ने तीन आईएएस अधिकारियों को जिम्मा सौंपा है। इसमें आईएएस डॉ. समित शर्मा, नवीन जैन और ओ.पी. बैरवा शामिल है। इस सिस्टम की क्रियान्विति को लेकर पूरा प्लान तैयार किया जा रहा है। फाइनल होने से पहले मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा जाएगा।

क्या है इंटीग्रेटेड प्लान
बच्ची के जन्म लेते ही उसे चिकित्सा विभाग की योजनाओं का लाभ स्वत: ही मिलेगा एवं उसे सभी टीकाकरण कराने की जिम्मेदारी चिकित्सा विभाग की होगी। जैसे ही बच्ची की उम्र बढ़ेगी तो महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का स्वत: ही लाभ मिलेगा। बच्ची को स्कूल में दाखिला कराने के लिए शिक्षा विभाग अलर्ट रहेगा। स्कूल में दाखिला लेने के बाद उसे मिलने वाली स्कॉलरशिप या अन्य स्कीमों के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग बच्ची के माता-पिता से संपर्क कर योजनाओं का लाभ देगा। बच्ची के माता-पिता को इन योजनाओं के लिए विभागों में कोई आवेदन नहीं करना होगा।

अभी यह व्यवस्था
बच्ची के जन्म के बाद माता-पिता को समय का पता नहीं होने के कारण टीकाकरण भी पूरा नहीं हो पाता। पोषाहार जैसी योजनाओं के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूल में भर्ती कराने और शिक्षा के दौरान अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए हर बार अलग-अलग विभागों में माता-पिता को आवेदन करना होता है। इसके चक्कर में बच्ची कई बार वंचित भी रह जाती है।

   
प्रदेश में बच्चियों की स्थिति
महिलाएं 32,994,268
0-6 वर्ष की बच्चियां 5,010,328
लिंग अनुपात 928
महिला साक्षरता 52.13%
साक्षर महिलाएं 14,586,870
2022 में महिलाओं की अनुमानित संख्या 38,266,753
जनगणना 2011 के अनुसार


सरकारी योजनाओं का वैसे भी बच्ची को जन्म के बाद से लाभ देना होता है, ऐसे में क्यों नहीं सभी विभाग एक प्लेटफार्म की तरह उसे सभी योजनाओं का लाभ दें। इसकी मॉनिटरिंग हो। इंटीग्रेटेड सिस्टम को लेकर चर्चा हुई है। यह एक अच्छी पहल होगी। -डॉ. समित शर्मा, शासन सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग

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