रंगीन पतंगों और तिल-गुड़ की मिठास में डूबा जयपुर : वो काटा–वो मारा’ की गूंज के साथ मकर संक्रांति की धूम, छत-छत से उड़ा उल्लास
सभी ने पूरे जोश के साथ पतंगबाजी का आनंद लिया
वहीं हर मोहल्ले में “वो काटा… वो मारा” की आवाजें दिनभर गूंजती रहीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे जोश के साथ पतंगबाजी का आनंद लिया।
जयपुर। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर शहर में सुबह से ही उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। सूर्योदय के साथ ही लोग अपने-अपने घरों की छतों पर पहुंच गए और पतंग उड़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया, वहीं हर मोहल्ले में “वो काटा… वो मारा” की आवाजें दिनभर गूंजती रहीं। सभी ने पूरे जोश के साथ पतंगबाजी का आनंद लिया।
दिनभर छतों पर पतंग उड़ाने के साथ-साथ घर-घर में बाजी (पतंग प्रतियोगिता) का रोमांच बना रहा। मोहल्लों में मित्रों और पड़ोसियों के बीच आपसी मेलजोल देखने को मिला। मकर संक्रांति के मौके पर पारंपरिक व्यंजनों की भी खास रौनक रही। हर घर में तिल-गुड़ के लड्डू और अन्य पकवान बनाए गए, जिनका परिवारजनों और मेहमानों ने भरपूर स्वाद लिया।
पर्व के अवसर पर बच्चों ने जहां पतंगबाजी का जमकर लुत्फ उठाया, वहीं महिलाओं ने पारंपरिक पकवान तैयार कर त्योहार की खुशियों को और बढ़ाया। मकर संक्रांति ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। पूरे दिन हंसी-खुशी और उमंग के साथ यह पर्व मनाया गया, जिसने शहर को उत्सवमय बना दिया।

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