जयपुर मेयर चुनाव : भाजपा के कोठारी और कांग्रेस की मावर के बीच मुकाबला, दोनों ने किया अपनी-अपनी जीत का दावा
दोपहर 2 बजे तक पार्षद करेंगे मतदान
जयपुर। नगर निगम में नए मेयर की तस्वीर आज साफ हो जाएगी। मेयर पद के लिए भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर आमने-सामने हैं। दोनों प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया हैं। दोपहर 2 बजे तक पार्षद मतदान करेंगे। इसके बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। महापौर पद के लिए मतदान शुरू होते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। भाजपा और कांग्रेस के पार्षद नगर निगम मुख्यालय स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। भाजपा के पार्षद एक साथ बस में मतदान स्थल पर पहुंचे, जबकि कांग्रेस के पार्षद अलग-अलग वाहनों से मतदान के लिए पहुंचे।
नगर निगम के 150 वार्डों में भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में भाजपा बहुमत के आंकड़े से 2 कदम आगे है। वहीं कांग्रेस को बहुमत के लिए 19 वोट और चाहिए। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही है। दोनों दलों ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की है। भाजपा के सुनील कोठारी वार्ड 112 से पार्षद हैं। वे भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष समेत कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वहीं कांग्रेस की सुनीता मावर वार्ड 118 से पार्षद हैं और 4 बार पार्षद रह चुकी हैं।
मतदान से पहले कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अर्चना शर्मा ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकार की ओर से धनबल का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्षद अपने मन की आवाज पर मतदान करेंगे और कांग्रेस नगर निगम जयपुर में महापौर बनाने जा रही है।
वहीं, जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि भाजपा के साथ निर्दलीय पार्षद भी समर्थन में मतदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्षद पर वोट के लिए कोई दबाव नहीं है और सभी अपनी स्वेच्छा से भाजपा के पक्ष में मतदान करेंगे।
महापौर चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला है। मतदान के बाद मतगणना की जाएगी और इसके साथ ही जयपुर को नया महापौर मिल जाएगा।
महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस का धरना
महापौर चुनाव के मतदान के बीच कांग्रेस के विधायक और पार्षद नगर निगम मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने आरोप लगाया कि उन्हें मतदान स्थल के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया और पुलिस प्रशासन ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्हें अंदर जाने से रोका गया, तो भाजपा नेताओं को किस हैसियत से प्रवेश दिया गया। रफीक खान ने कहा कि मोहनलाल गुप्ता और रवि नायर वर्तमान में कोई जनप्रतिनिधि नहीं हैं, इसके बावजूद वे अंदर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। कार्रवाई नहीं होने पर मामला विधानसभा में उठाया जाएगा।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा ने भी भाजपा नेताओं के प्रवेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्षद मन की आवाज पर मतदान करेंगे, किसी दबाव में नहीं। किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने कहा कि कांग्रेस बोर्ड बनाने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने पार्षदों को पिछले 24 दिनों से कैद कर रखा है, जबकि कांग्रेस के पार्षद मतदान के लिए सीधे अपने घरों से आए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्षदों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है।

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