जंतर-मंतर बताएगा बारिश का हाल, प्राचीन वायु परीक्षण से होगा वर्षा का पूर्वानुमान
आषाढ़ी वायु धारणी पूर्णिमा पर ध्वज पूजन के बाद होगा शास्त्रनुरूप
जयपुर। मानसून के बीच जयपुर में एक बार फिर सदियों पुरानी परंपरा के आधार पर वर्षा का पूर्वानुमान लगाया जाएगा। विश्व धरोहर जंतर-मंतर स्मारक में 29 जुलाई को आषाढ़ी वायु धारणी पूर्णिमा के अवसर पर विशेष ध्वज पूजन एवं शास्त्रनुरूप वृहद् सम्राट यंत पर वायु परीक्षण आयोजित किया जाएगा। अधीक्षक प्रतिभा यादव ने बताया कि इस दौरान जयपुर के वरिष्ठ विद्वानों और ज्योतिषाचार्यों की उपस्थिति में वायु की दिशा, गति और प्राकृतिक संकेतों का अध्ययन कर यह निर्णय किया जाएगा कि जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस वर्ष वर्षा कैसी रहने की संभावना है।
विशेष बात यह है कि यह परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्राचीन भारतीय खगोल और ज्योतिष विज्ञान पर आधारित प्राकृतिक संकेतों के अध्ययन की एक अनूठी विधि मानी जाती है। वायु परीक्षण के बाद विद्वानों की ओर से वर्षा की स्थिति को लेकर औपचारिक घोषणा की जाएगी, जिस पर हर वर्ष आमजन के साथ कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग भी विशेष नजर रखते हैं।

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