जयपुर एयरपोर्ट पर एनसीसी विमान हादसा : विमान क्षतिग्रस्त, पायलट और कैडेट सुरक्षित
क्या विमान के निर्धारित मार्ग की जानकारी कंट्रोल सेंटर को नहीं थी?
जयपुर। जयपुर एयरपोर्ट पर सोमवार अलसुबह एनसीसी के माइक्रोलाइट विमान के साथ हुए हादसे ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और एप्रन कंट्रोल सिस्टम को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, माइक्रोलाइट विमान उड़ान भरने के लिए हैंगर से टैक्सिंग कर रहा था। विमान में विंग कमांडर एक एनसीसी कैडेट को प्रशिक्षण के लिए लेकर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी इंडोथाई का एक वाहन विमान से टकरा गया। हादसे में माइक्रोलाइट विमान क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि पायलट और प्रशिक्षु कैडेट पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद एयरपोर्ट के एप्रन कंट्रोल सेंटर की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। एप्रन क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही और संचालन की जिम्मेदारी कंट्रोल सेंटर की होती है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या विमान के निर्धारित मार्ग की जानकारी कंट्रोल सेंटर को नहीं थी? वहीं, जयपुर एयरपोर्ट से एनसीसी प्रशिक्षण उड़ानों के संचालन को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। प्रतिदिन औसतन 95 विमानों की आवाजाही वाले इस एयरपोर्ट पर सर्दियों में यह संख्या 140 से 150 तक पहुंच जाती है। ऐसे में एनसीसी प्रशिक्षण को किशनगढ़ एयरपोर्ट स्थानांतरित करने की मांग उठ रही है।

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