अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के भविष्य को लेकर अटकलें

अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के भविष्य को लेकर अटकलें

प्रदेश में भजनलाल शर्मा के नए मुख्यमंत्री बनने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे के भविष्य को लेकर अटकलें चालू हो गई है।

जयपुर। प्रदेश में भजनलाल शर्मा के नए मुख्यमंत्री बनने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे के भविष्य को लेकर अटकलें चालू हो गई है। वसुंधरा समर्थकों का मानना है कि भाजपा में उनका बड़ा कद है। इस तथ्य से भाजपा के बड़े नेता भी वाकिफ हैं। पिछले दिनों हुए विधानसभा के चुनावों में पार्टी को जीत दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही है। उनके तीन दर्जन से ज्यादा समर्थक जीत कर भी आए हैं। वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री की प्रबल दावेदार थीं। दो बार मुख्यमंत्री, पांच बार सांसद और पांच बार विधायक रहीं वसुंधरा राजे, केन्द्र में मंत्री और भाजपा संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक के पद का सफर करने वाली वसुंधरा राजे को नजर अंदाज करना आसान नहीं है। नए मुख्यमंत्री के लिए उनको राजी करने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व ने उनको कोई न कोई संकेत जरूर दिए हैं। कयास लगाया जा रहा है कि निकट भविष्य में उनको झालावाड़ लोकसभा सीट ने चुनाव लड़ाकर केन्द्र में मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अगर वसुंधरा राजे लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाता है, तो उनको झालरापाटन सीट से विधायक पद छोड़ना होगा, उनके स्थान पर उनके सांसद पुत्र दुष्यंत को वहां से विधायक बनने का मौका दिया सकता है। उनके समर्थकों का मानना है कि पार्टी के लिए जिस वफादारी से वह काम करती है, वह कतई घर में बैठने वाली नहीं है। चूंकि उन्होंने राजस्थान में 25 साल तक  पार्टी में अपना वर्चस्व बरकरार रखा है। इस दौरान कई बार ऐसे मौके भी आए, जब वसुंधरा राजे ने पार्टी के हित में केन्द्रीय नेताओं के फैसलों का भी विरोध किया है, चाहे वह सन् 2008 में विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद राजस्थान में जिम्मेदार नेताओं से मांगे गए इस्तीफों का प्रकरण ही क्यों ना हो। उस समय राजे ने भाजपा के तत्कालीन राष्टÑीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह की बात को खारिज करते हुए नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा नहीं दिया था। 

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