Rajasthan Budget 2026 : पेयजल की आठ परियोजनाओं पर खर्च होंगे 160 करोड़, गर्मियों के लिए 600 ट्यूबवैल और 200 हैडपंप लगेंगे
ट्रीट पानी के उपयोग के लिए बनेगी नई जल नीति
भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने तीसरे बजट में प्रदेश की जनता के लिए घोषणाओं का पिटारा खोल दिया। करीब 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने तीसरे बजट में प्रदेश की जनता के लिए घोषणाओं का पिटारा खोल दिया। करीब 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। दस स्तम्भों में बांट कर पेश किए गए करीब दो घंटे 54 मिनट के इस बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कई अहम घोषणाएं की और दावा किया कि हमारी सरकार के विजन से राजस्थान बहुत तेजी से प्रगति करेगा। हमारी सरकार की दूरगामी सोच के साथ बनी नीतियां इस मरू प्रदेश की दशा और दिशा दोनों बदलेगी। वित्त मंत्री ने बजट में 400 से अधिक पेयजल योजनाओं कार्यादेश जारी किए हैं।
400 से अधिक पेयजल योजनाओं के कार्यादेश
सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रदेश में रोबूस्ट गर्वनेंस, सस्टेनेबल कंजरवेशन एवं इक्यूटेबल यूटिलाइजेशन के माध्यम से जल सुरक्षा का लक्ष्य रखा है। 'हर घर नल से जल' सुविधा हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में 14 लाख से अधिक जल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं तथा 24 हजार करोड़ की लागत की 400 से अधिक पेयजल परियोजनाओं के कार्यादेश जारी किए गए हैं। साथ परवन अकावद परियोजना के अन्तर्गत बारां, कोटा एवं झालावाड़ के लिए 3 हजार 500 करोड़ तथा नवनेरा परियोजना के तहत कोटा एवं बूंदी के गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक हजार 100 करोड़ से अधिक के कार्यादेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) योजना का दायरा बढ़ाते हुए प्रदेश के समस्त शहरों के मास्टर प्लान में दर्शाए गए पेरी-अरबन एरिया के 6 हजार 245 गांवों को सम्मिलित किया जाएगा। इसके लिए 5 हजार करोड़ का व्यय कर चरणबद्ध रूप से पेयजल आधारभूत संरचना सम्बन्धी कार्य कराए जाएंगे।
अमृत 2.0 के तहत पानी के तीन लाख कनेक्शन देंगे
मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) द्वितीय चरण के अन्तर्गत 2 हजार 530 करोड़ का व्यय कर 83 शहरों में जलापूर्ति के सर्विस लेवल संवर्द्धन के कार्य कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अमृत 2.0 योजना के तहत आगामी वर्ष 3 लाख पेयजल कनेक्शन जारी किए जाएंगे। प्रदेश के बीकानेर, जोधपुर, जालोर, सांचोर एवं बालोतरा शहरों में जलापूर्ति अंतराल को सतत रूप से कम किए जाने के लिए स्रोत निर्माण, उच्च-स्वच्छ जलाशय, पम्प लाइन सम्बन्धी कार्य करवाए जाएंगे। साथ ही देशनोक-बीकानेर में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध करवाया जाना प्रस्तावित है। इस हेतु 750 करोड़ का व्यय किया जाएगा। नगरीय पेयजल योजना जैसलमेर के लिए मोहनगढ़ से गजरूप सागर तक अतिरिक्त पाइप लाइन व 30 एमएलडी फिल्टर प्लांट तथा डिग्गी का निर्माण लगभग 196 करोड़ की लागत से कराया जाएगा।
पेयजल की आठ परियोजनाओं पर खर्च होंगे 160 करोड़
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 160 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य कराए जाएंगे। इनमें लूणी-जोधपुर के विभिन्न गांवों को पेयजल सप्लाई में सुधार के लिए तख्त सागर से कुड़ी होद की पाइपलाइन को बदलने एवं अन्य सुदृढ़ीकरण के कार्य पर 65 करोड़, जैसलमेर, बाड़मेर एवं बालोतरा के 851 गांवों में पेयजल उपलब्धता में सुधार के लिए बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियोजना के मोहनगढ़ स्थित हैडवर्क्स पर सुदृढ़ीकरण के कार्य पर 50 करोड़, जाखम बांध आधारित वृहद् पेयजल परियोजना के अन्तर्गत निम्बाहेड़ा-चित्तौड़गढ़ एवं छोटी सादड़ी-प्रतापगढ़ कस्बे व ब्लॉक में लघु परियोजनाओं से लाभान्वित ग्रामों को बल्क वाटर उपलब्ध कराने के लिए डीपीआर एक करोड़ 37 लाख, राजगढ़ शहर की पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण कार्य-अलवर 3 करोड़, श्रीमाधोपुर व अजीतगढ़ में विभिन्न पेयजल योजनाओं एवं विभिन्न ट्यूबवैल/टंकी व पाइप लाइनों के कार्य-सीकर 15 करोड़, नालबड़ी, भानीपुरा से नोखादया, बदरासर, छतरगढ़ जल योजना के सुधार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य (खाजूवाला)-बीकानेर 15 करोड़ 97 लाख, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवैल व टंकियों के निर्माण कार्य (खण्डेला)-सीकर 9 करोड़ 50 लाख, सांगोद के समस्याग्रस्त ग्रामों में पेयजल समस्या समाधान हेतु राजगढ़ सहित विभिन्न ग्रामों में नवीन नलकूप, पेयजल पाइप लाइन के कार्य-कोटा 3 करोड़ खर्च होंगे।
गर्मियों के लिए 600 ट्यूबवैल और 200 हैडपंप लगेंगे
प्रदेशवासियों को ग्रीष्म ऋतु में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराए जाने की दृष्टि से आगामी वर्ष 600 ट्यूबवैल व एक हजार 200 हैडपंप लगाए जाएंगे। साथ ही कंटीजेंसी प्लान के अन्तर्गत प्रत्येक जिला कलक्टर को एक करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में सशक्त जल प्रबंधन की दृष्टि से जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना 10 करोड़ की लागत से की जाएगी। साथ ही ब्यूरो ऑफ वाटर यूज एफिसिएंसी की स्थापना कर जयपुर में एचसीए रीपा, सचिवालय एवं जल भवन में पायलट बेसेज पर वाटर डि्ट्रिरब्यूशन इफिशिएंसी के संवर्द्धन सम्बन्धी कार्य करवाए जाएंगे। प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब का संचालन किया जाएगा।
शहरी सीमा में शामिल 92 गांवों को मिलेगा बीसलपुर का पानी
जयपुर जिले के चाकसू व बस्सी तथा टोंक जिले के निवाई, टोडारायसिंह कस्बों तथा टोरडी, तिलांजू, डूंगरी, मांडोलाई, दातोब सहित एक हजार 92 गांवों की लगभग 20 लाख आबादी को बीसलपुर से पेयजल का आपूर्ति स्तर बेहतर करने के लिए सूरजपुरा से चाकसू तक नवीन ट्रांसमिशन लाइन सम्बन्धी कार्य 650 करोड़ की लागत से कराए जाएंगे।
ट्रीट पानी के उपयोग के लिए बनेगी नई जल नीति
प्रदेश में आमजन को पेयजल सुविधा तथा नॉन घरेलू एवं औद्योगिक यूनिट्स के लिए पानी उपलब्ध कराने के दृष्टिगत राजस्थान स्टेट वाटर पॉलिसी लाई जाएगी। इसमें पेयजल के साथ-साथ रॉ वाटर एवं ट्रीटेड वाटर के वितरण के सम्बन्ध में नीतिगत प्रावधान किए जाएंगे। प्रदेश में 'जल सुरक्षा एवं अनुकूलता' के लिए आइटी का उपयोग करते हुए समयबद्ध जलापूर्ति योजनाओं की विभिन्न गतिविधियों के डिजिटल प्रबंधन एवं रखरखाव के लिए इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग लागू की जाएगी। आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने तथा पाइप्ड पेयजल योजनाओं के समुचित ऑपरेशन एवं मेंटीनेंस के लिए एक हजार 50 तकनीकी अधिकारियों/कर्मचारियों के संविदा केडर में वृद्धि करते हुए 3 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी।

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