राजस्थान बजट : 250 अटल पथ बनेंगे, खर्च होंगे 500 करोड़ ; सड़कों पर 1800 करोड़ होंगे खर्च
2047 तक सड़क हादसों में 90 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य
वर्ष 2047 तक राजस्थान को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में ग्रामीण कनेक्टिविटी का विस्तार वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में क्रमश: 10 हजार व 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में सीमेंट कंक्रीट के अटल प्रगति पथ के निर्माण करवाए जाने की घोषणा की गयी थी।
जयपुर। वर्ष 2047 तक राजस्थान को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में ग्रामीण कनेक्टिविटी का विस्तार वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में क्रमश: 10 हजार व 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में सीमेंट कंक्रीट के अटल प्रगति पथ के निर्माण करवाए जाने की घोषणा की गयी थी। इसी कड़ी में आगामी वर्ष 250 अटल प्रगति पथों के 500 करोड़ की लागत के कार्य हाथ में लिए जाने प्रस्तावित हैं।
दो साल में एक हजार किमी लंबी सड़कें बनेंगी स्टेट हाईवे
आगामी दो वर्षों में एक हजार किलोमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कों को राज्य राजमागार्ें में एवं दो हजार किलोमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कों को मुख्य जिला मागार्ें में क्रमोन्नत किया जाएगा। राज्य राजमागोंर् के सुदृढ़ीकरण के लिए स्पीड वायलेशन डीटेक्शन सिस्टम व वरिबल मैसेज साइन बोर्ड को सम्मिलित करते हुए इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम आधारित लगभग 500 किलोमीटर लम्बाई के स्टेट हाइवे मय पुलिया व बाइपास 2 हजार 700 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित किए जाएंगे। साथ ही, सुरक्षित, आरामदायक व सुविधाजनक यात्रा के लिए इन राज्य राजमार्गों पर वे साइट अमेनिटिज भी विकसित की जाएंगी।
2047 तक सड़क हादसों में 90 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष औसतन 11 हजार 700 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु होना चिन्ता का विषय है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु में वर्ष 2047 तक 90 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके के लिए राष्ट्रीय/राज्य राजमागोंर् एवं शहरों में सुदृढ़ आईटीएमस के लिए चरणबद्ध रूप से लगभग दो हजार कैमरे 100 करोड़ की लागत से स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए समस्त 35 ड्राइविंग ट्रैक का ऑटोमेशन किया जाना प्रस्तावित है।
वर्ष 2028-29 तक सभी के लिए आवास
आवास सुविधा से वंचित 28 लाख से अधिक परिवारों के सर्वे का काम पूरा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण योजना के द्वितीय चरण में वर्ष 2029 तक पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए मिलेगा अनुदान। बेहतर आधारभूत संरचना तथा गुणवत्तायुक्त आवास निर्माण के लिए 35 हजार व्यक्तियों को मैसन सम्बन्धी ट्रेनिंग दी जाएगी।
नगर निकायों में 7 लाख स्ट्रीट लाईटें '
- ऊर्जा बचत के साथ पर्याप्त रोशनी के लिए राज्य के नगर निकायों में 7 लाख स्ट्रीट लाईटें लगाई जाएंगी। 500 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होगा।
ड्रेनेज सिस्टम होंगे दुरुस्त
जयपुर में 500 करोड़ रुपए एवं अजमेर में 200 करोड़ रुपए के ड्रेनेज सिस्टम के कार्य सहित अलवर, भिवाड़ी, उदयपुर, कोटा, चूरू, पाली, नागौर एवं भरतपुर के नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा के लिए कुल एक हजार 20 करोड़ रुपए के कार्य होंगे। जिला स्तरीय नगरीय निकायों के लिए 40 करोड रुपए लागत से मास्टर ड्रेनेज प्लान बनाए जाएंगे। आपदाओं से बचाव के प्रबंध के लिए 60 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
ये जनकल्याण कार्य होंगे
1. जयपुर, कोटा, अजमेर, भीलवाड़ा व जोधपुर शहरों में पीपीपी मोड पर स्मार्ट पार्किंग निर्माण में दस करोड़ लागत आएगी।
2. नगर निगमों के प्रमुख 100 पार्किंग स्थलों पर चरणबद्ध रूप से पीपीपी मोड पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बनेंगे।
ये भी प्रमुख घोषणाएं
पंचगौरव योजना के अन्तर्गत जिलों में 150 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
आर्थिक विकास के लिए स्थानीय निकायों एवं राजकीय उपक्रमों के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को इनोवेटिव फाइनेंसिंग सुलभ कराने के लिए राज-सेतु की स्थापना होगी।

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