RAS अधिकारी बलवंत सिंह लिग्री निलंबित, कार्मिक विभाग ने जारी किए आदेश
निलंबन के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं
जयपुर। राज्य सरकार ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी बलवंत सिंह लिग्री को निलंबित कर दिया है। कार्मिक विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान बलवंत सिंह लिग्री का मुख्यालय कार्मिक विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर रहेगा। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। हालांकि, आदेश में निलंबन के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।
बलवंत सिंह के खिलाफ जेडीए में लंबित जांच, हेल्थ मिनिस्टर से भी हुआ था विवाद :
प्रशासनिक सेवा (RAS) के 2011 बैच के अधिकारी बलवंत सिंह लिग्री को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में उपायुक्त के पद पर कार्यरत रहते हुए एक जमीन से जुड़े मामले में विभागीय जांच लंबित होने के कारण निलंबित कर दिया गया है।कार्मिक विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। निलंबन काल के दौरान लिग्री मुख्यालय कार्मिक विभाग में रहेंगे। बलवंत सिंह लिग्री वर्तमान में राजस्थान स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी निलंबन की कार्रवाई JDA में उपायुक्त के रूप में कार्यकाल के दौरान हुई एक जमीन संबंधी मामले की विभागीय जांच को लेकर हुई है। विवादों का सिलसिला सूत्रों के अनुसार, बलवंत सिंह लिग्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के विशिष्ट सहायक के रूप में कार्यरत रहते हुए भी विवादों में रहे थे। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने उन्हें अपने कार्यालय से हटाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा था।
इसके बावजूद उन्हें बाद में बेवरेज कॉर्पोरेशन में कार्यकारी निदेशक बनाया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार निलंबन की यह कार्रवाई नियमित विभागीय प्रक्रिया के तहत की गई है। JDA काल के जमीन मामले की जांच अभी लंबित है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बलवंत सिंह लिग्री RAS सेवा में अपनी विभिन्न तैनातियों के दौरान JDA के विभिन्न जोनों में उपायुक्त के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के विशेष सहायक के रूप में भी सेवाएं दी हैं। यह निलंबन RAS अधिकारियों की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर प्रशासन की सख्ती को दर्शाता है। फिलहाल मामले पर अधिक आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, क्योंकि विभागीय जांच चल रही है।

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