प्राकृतिक खेती को बढ़ावा : कृषि विभाग प्रतिष्ठित संस्थाओं से करेगा एमओयू, किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में खास पहल
टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि व्यवस्था को मजबूत आधार
जयपुर। प्रदेश के किसानें की आय में वृद्धि, कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग कृषि क्षेत्र में कार्यरत 30 से अधिक प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू करेगा। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, भूजल में गिरावट, मृदा उर्वरता में कमी जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इनका समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि सरकार, अनुसंधान संस्थानों, कृषि विशेषज्ञों, नागरिक समाज संगठनों एवं किसानों के बीच सशक्त साझेदारी समय की आवश्यकता है। इसको लेकर कृषि क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, सिविल सोसायटी संगठनों, अनुसंधान एवं शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संस्थाओं तथा एग्रीटेक कंपनियों के साथ एमओयू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में गत 12 जनवरी को राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में विशेषज्ञ संस्थाओं, सामाजिक संगठनों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार विमर्श किया गया था। प्राप्त सुझावों एवं अनुभवों के आधार पर सहयोग का यह अभिनव मॉडल विकसित किया गया, जिसके तहत अब विभिन्न संस्थाओं के साथ गैर वित्तपोषित समझौते किए जा रहे हैं। इन समझौतों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि राज्य सरकार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। संस्थाएं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करेंगी।
कृषि विकास का नया मॉडल
आयुक्त ने बताया कि इन संस्थाओं के साथ विकसित यह साझेदारी राजस्थान में कृषि विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत करेगी। विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचेगा, आधुनिक तकनीकों का तेजी से प्रसार होगा तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि व्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा।

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