स्तन कैंसर के इलाज के वर्षों बाद हृदय में दुर्लभ ट्यूमर, एसएमएस अस्पताल ने सफल जटिल सर्जरी कर बचाई महिला की जान
जांच और इकोकार्डियोग्राफी में हृदय में दुर्लभ गांठ
जयपुर। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग ने एक दुर्लभ और जटिल हृदय शल्यक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 40 वर्षीय महिला को नया जीवन दिया है। आगरा निवासी महिला पूर्व में स्तन कैंसर का इलाज करा चुकी थी। उसे कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और मास्टेक्टमी जैसी उपचार प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा था। वर्षों बाद उसके हृदय के बाएं आलिंद (लेफ्ट एट्रियम) में एक बड़ा मिक्सोमा (ट्यूमर) विकसित हो गया। मरीज को सांस फूलने, अत्यधिक थकान, अनियमित धड़कन और दैनिक कार्यों में कठिनाई की शिकायत थी। जांच और इकोकार्डियोग्राफी में हृदय में दुर्लभ गांठ का पता चला।
गंभीर हालत में निजी अस्पताल से रेफर की गई महिला को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कर सीटीवीएस विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. रामगोपाल यादव के नेतृत्व में विशेषज्ञों की बहुविषयक टीम ने करीब पांच घंटे तक चली ओपन हार्ट सर्जरी कर ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकाल दिया। शल्यक्रिया के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। डॉ. यादव ने बताया कि कैंसर के उपचार का इतिहास रखने वाले मरीजों में हृदय का मिक्सोमा अत्यंत असामान्य होता है। समय पर पहचान, सटीक निदान और विशेषज्ञ उपचार ऐसे मामलों में जीवनरक्षक साबित होते हैं। यह सफलता एसएमएस अस्पताल की उन्नत हृदय शल्य चिकित्सा सेवाओं और चिकित्सकीय दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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