जिंदा बम मामले में विशेष अदालत ने सुनाया फैसला, चारों आरोपी दोषी करार
आरोपियों की सजा पर 7 अप्रैल को फैसला आएगा
शहर के चांदपोल के रामचंद्र मंदिर के पास मिले जिंदा बम मामले में विशेष अदालत ने फैसला सुनाया है।
जयपुर। जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत में शहर में सिलसिलेवार हुए बम धमाकों के बीच जिंदा मिले बम के मामले में चारों आरोपियों को दोष सिद्ध कर दिया है। वहीं पीठासीन अधिकारी रमेश जोशी अदालत 8 अप्रैल को इन्हें सजा सुनाएंगे। सुनवाई के दौरान मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान को न्यायिक अभिरक्षा से पेश किया, जबकि जमानत पर रिहा सरवर आजमी और शाहबाज हुसैन अदालत में पेश हुए। अदालत ने आदेश सुनाने के बाद जमानत पर रहा दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया है।
तिवाड़ी ने बताया कि मामले के 112 गवाहों के बयान दर्ज कराए हैं। वहीं करीब 1200 दस्तावेजों को प्रदर्शित करवाया है। आरोपियों के अधिवक्ता मिनहाजुल हक ने बताया कि बचाव पक्ष की ओर से कोई भी गवाह के बयान दर्ज नहीं कराए। बचाव पक्ष ने 122 दस्तावेजों को प्रदर्शित करवाया है। आरोपी पक्ष की ओर से अपनी बहस में कहा गया कि इस मामले और पूर्व में जयपुर बम ब्लास्ट केस के तथ्य समान हैं। इन्हीं समान तथ्यों पर हाईकोर्ट आरोपियों को बरी कर चुका है। इस मामले में अभियोजन पक्ष यह भी पता नहीं कर पाया है कि साइकिल किसने रखी थी। वहीं चांदपोल गेट के बाहर किसी आरोपी की निशानदेही भी साबित नहीं हो पाई है। इसलिए आरोपियों को दोषमुक्त किया जाए।
जयपुर बम ब्लास्ट केस में हाईकोर्ट ने 29 मार्च 2023 को चार आरोपियों मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान, सरवर आजमी व एक अन्य को दोषमुक्त कर दिया था। जिंदा बम मामले में एटीएस ने पूर्व अन्य गवाहों के साथ एडीजी अरविन्द कुमार जैन व मीडियाकर्मी प्रशांत टंडन सहित साइकिल कसने वाले दिनेश महावर को गवाह बनाया था।
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