एक साल से फरार 10 हजार का ईनामी शातिर ठग अरुण शर्मा उर्फ आलू गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर फरार हो जाता था
पुलिस ने एक साल से फरार 10 हजार रुपए के इनामी ठग अरुण शर्मा उर्फ आलू को गिरफ्तार। आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए ठगकर फर्जी नियुक्ति पत्र देता था। कई थानों में मामले दर्ज। पुलिस रिमांड लेकर अन्य वारदातों की जांच कर रही।
जयपुर। पुलिस थाना ब्रह्मपुरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के ईनामी शातिर ठग अरुण शर्मा उर्फ आलू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करता था और फर्जी नियुक्ति पत्र देकर फरार हो जाता था।
पुलिस उपायुक्त उत्तर करण शर्मा ने बताया कि 17 फरवरी 2025 को परिवादी सुभाष कुमार पुत्र लालचंद ने ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी अरुण शर्मा ने सचिवालय में एलडीसी (LDC) के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे 3 लाख 20 हजार रुपये ठग लिए और बाद में फर्जी जॉइनिंग लेटर दे दिया।
इस मामले में ब्रह्मपुरी थाने में मामला दर्ज किया गया। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम का नेतृत्व थानाधिकारी हेमन्त जनागल ने किया। तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने लगातार पीछा कर आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का विवरण :
गिरफ्तार आरोपी अरुण शर्मा उर्फ आलू उम्र 32 वर्ष, निवासी मद्रासी बाबा की बगीची, कागदीवाड़ा, ब्रह्मपुरी, जयपुर का रहने वाला है।
ठगी का तरीका :
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगता था। वह कभी ड्रग इंस्पेक्टर तो कभी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देता था। बड़े अधिकारियों से सांठगांठ का दावा कर वह नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम लेता और बाद में पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र दे देता था।
आरोपी के खिलाफ पहले भी ब्रह्मपुरी, गलतागेट और नाहरगढ़ थाना क्षेत्रों में ठगी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की तैयारी कर रही है और उससे अन्य वारदातों के संबंध में गहन पूछताछ जारी है।

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