कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई 20 फीसदी बढ़ाई: होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों समेत अन्य सेक्टर के लोगों को उपलब्ध होगी गैस
राहत की खबर: कमर्शियल गैस कोटे में 20% की बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने राजस्थान सहित सभी राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी कोटा 20% बढ़ा दिया है। इससे होटल, ढाबा और औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिलेगी। पश्चिम एशिया संकट के बीच आपूर्ति सामान्य करने के लिए सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों के साथ पंजीकरण और डेटा साझा करने के निर्देश दिए हैं।
जयपुर। केन्द्र सरकार ने राजस्थान समेत देश के तमाम राज्यों में कॉमर्शियल वर्ग के लिए एलपीजी गैस के आवंटित कोटे में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों समेत अन्य वर्ग राहत मिलेगी। साथ ही औद्योगिक ईकाइयों और बड़े वाणिज्यिक संस्थाओं को भी एलपीजी लेने के लिए तेल कंपनियों के यहां रजिस्ट्रेशन करवाने और अपनी खपत का डेटाबेस शेयर करने के लिए कहा है।
ईरान-इजरायल औरअमेरिका युद्ध के बीच गैस, तेल की आपूर्ति खाड़ी देशों से बंद हो गई, जिसके सर्वाधिक असर रसोई गैस पर रहा। तेल कंपनियों ने कम एलपीजी होने की स्थिति को देखते हुए कॉमर्शियल उपयोग के सिलेंडर की बिक्री को सीमित करते हुए घरेलु आपूर्ति को सामान्य रखा।
कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से रेस्टोरेंट, ढ़ाबा, होटल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी समेत बड़ी औद्योगिक ईकाइयों पर इसका प्रभाव दिखने लगा। ऐसे में अब जब धीरे-धीरे देश में गैस का उत्पादन बढ़ रहा है। आपूर्ति शुरू हो रही है तो केन्द्र सरकार ने राज्यों की गैस आपूर्ति के कोटे में 20 फीसदी निर्धारित आपूर्ति के अतिरिक्त बढ़ा दी है। केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की तरफ से लिखे एक पत्र में बताया कि आपूर्ति के लिए अब सरकार रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, राज्य सरकारों या स्थानीय निकायों की संचालित सब्सिडी युक्त कैंटीन और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल में वितरित करे। ताकि इस क्षेत्र में गैस संकट से आई समस्याओं को कम या खत्म किया जा सके।
रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश
इसके अलावा अब सरकार ने राज्यों में सभी वाणिज्यिक या औद्योगिक इकाइयों जो एलपीजी के बड़े उपभोक्ता हैं, उनको तेल कंपनियों के साथ रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कहा है। इस रजिस्ट्रेशन के साथ उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में उपयोग हो रही एलपीजी का वार्षिक डेटा शेयर करना होता। इसी के आधार पर कंपनियां आगामी चरण में इन औद्योगिक ईकाइयों को एलपीजी का वितरण करेगी। इसके साथ ही इन बड़े उपभोक्ताओं को अपने शहर में लागू सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन इकाई के साथ पीएनजी के लिए आवेदन करने को कहा है, ताकि पीएनजी की सप्लाई शुरू होने से पहले कंपनियों के पास डेटा सुनिश्चित हो सके कि कितनी आपूर्ति की जानी है।

Comment List