एसएसबी में 2 प्रसूताओं की हालत बेहद नाजुक, 8 दिन से पांचों प्रसूताओं का यूरिन बंद
दो चिकित्सक और दो नर्सिंग ऑफिसर और निलंबित
प्रसूताओं की मौत और किडनी फेल्योर के मामले में राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के आचार्य डॉ. बद्रीलाल तथा सह आचार्य डॉ. खुशबू मीणा को निलंबित। इसके अलावा जेके लोन अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी पिंकी खींची एवं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी मीणा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
कोटा। प्रसूताओं की मौत और किडनी फेल्योर के मामले में मंगलवार को राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के आचार्य डॉ. बद्रीलाल तथा सह आचार्य डॉ. खुशबू मीणा को निलंबित किया है। इसके अलावा जेके लोन अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी पिंकी खींची एवं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी मीणा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। साथ ही जेके लोन अस्पताल अधीक्षक निर्मला शर्मा व न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक आशुतोष शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे पहले मेडिकल कॉलेज हॉस्टिल में आईसीयू में भर्ती 2 प्रसूताओं की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जबकि, तीन महिलाओं की हालत स्थिर है।
एक प्रसूता चंद्रकला की तबीयत में सुधार होने पर उसे दोपहर घर भेज दिया गया है। इधर, चिकित्सा शासन सचिव गायत्री राठौड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चिकित्सा व प्रशासिनक अधिकारियों की बैठक कर मामले की प्रग्रति पर की जानकारी ली। सुपर स्पेशलिटी में कांगे्रस कार्यकताअरं व मृतका के परिजनों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। इधर धरना समाप्त करवाने के लिए एडीएम प्रशासन अनिल सिंगल से वार्ता में सहमति नहीं बनी। एनएसयूआई के कार्यकताअरं ने चिकित्सा मंत्री के लापता पोस्टर भी चस्पा कर दिए।
पिंकी और आरती क्रिटिकल
जेकेलोन से रैफर होकर आई पिंकी वर्मा और आरती दोनों की हालत क्रिटिकल बनी हुई है। 3 प्रसूताओं की हालात ठीक है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. निलेश जैन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज और जेके लोन अस्पताल की प्रसूताओं की मौत के कारण अलग-अलग हैं।

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