कांग्रेस इकाइयों में भी आमूलचूल परिवर्तन की कवायद तेज : डोटासरा के दिल्ली दौरे से प्रदेश संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट, पीसीसी मुख्यालय के गलियारों में चर्चा
बड़े नेताओं से मुलाकात कर लॉबिंग करने में लगे हुए हैं
पिछले दिनों कई राजस्थान कांग्रेस के नेता संगठन में अहम जिम्मेदारी लेने के लिए दिल्ली पहुंचकर बड़े नेताओं से मुलाकात कर लॉबिंग करने में लगे हुए हैं।
जयपुर। दिल्ली चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने देश और प्रदेश की कांग्रेस इकाइयों में भी आमूलचूल परिवर्तन की कवायद तेज कर दी है। हाल ही में कई राज्य प्रभारियों को बदलने की दिशा में राजस्थान कांग्रेस में भी बदलाव की आहट नजर आने लगी है। पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा के दिल्ली दौरे पर जाने के बाद बदलाव की सुगबुगाहट पीसीसी मुख्यालय के गलियारों में बनी हुई है। बदलाव की राजस्थान में भी जल्दी ही संगठन में कई अहम नियुक्तियां और कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पिछले दिनों कई राजस्थान कांग्रेस के नेता संगठन में अहम जिम्मेदारी लेने के लिए दिल्ली पहुंचकर बड़े नेताओं से मुलाकात कर लॉबिंग करने में लगे हुए हैं।
दिल्ली में चल रही चर्चाओं के बीच राजस्थान कांग्रेस में भी कई बड़े बदलाव करने की तैयारी की जा रही है, इसमें अग्रिम संगठनों में भी नए चेहरों को लेकर चर्चाएं बनी हुई हैं। पार्टी राजस्थान में भी कई युवा चेहरों को मौका देने की तैयारी कर रही है। हालांकि प्रदेशाध्यक्ष पद को लेकर अभी बदलाव होने के संकेत नजर नहीं आ रहे,क्योंकि डोटासरा जातिगत समीकरण के हिसाब से राजस्थान में भी आलाकमान की नजरों में सही काम कर रहे हैं।
निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को हटाने पर जल्दी होगा मंथन
पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा जल्दी ही नई नियुक्तियों को लेकर फीडबैक बैठक बुला सकते हैं। इससे पहले मंडल, ब्लॉक और जिलाध्यक्षों के शेष खाली पदों को भरने की कवायद भी पूरी की जाएगी। डोटासरा की फीडबैक मीटिंग में सभी वरिष्ठ नेताओं से मशविरा करने के बाद विधानसभा और लोकसभा चुनाव में निष्क्रिय रहे पदाधिकारियों की छुट्टी कर उनकी जगह नए युवा चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद भी नई नियुक्ति को लेकर फैसला जल्दी लिया जा सकता है। लंबे समय से भंग पड़े विभाग और प्रकोष्ठों का भी जल्दी पुनर्गठन किया जाएगा।
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