बहुचर्चित डांगावास हत्याकांड : 11 साल 2 माह बाद आया फैसला, छह दलितों की हत्या के सभी 40 आरोपी बरी
कोर्ट ने सभी 40 आरोपियों को किया बरी
मेड़तासिटी। मेड़ता थाना क्षेत्र के ग्राम डांगावास क्षेत्र में 14 मई 2015 को जमीन विवाद में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष मामले में बुधवार को 11 साल 2 माह बाद आए फैसले में विशिष्ट न्यायालय अजा-जजा (अ. नि.) प्रकरण मेड़ता ने संदेह का लाभ देते हुए सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया। उल्लेखनीय है कि बहुचर्चित डांगावास हत्याकांड मामले में रतनाराम मेघवाल, पांचाराम मेघवाल, पोकरराम मेघवाल, गणपतराम मेघवाल, गणेशराम मेघवाल सहित एक ग्रामीण रामपाल पुरी सहित छह लोगों की जान चली गई थी एवं करीब एक दर्जन घायल हो गए थे।
प्रकरण अनुसार पीड़ित परिवार के मेघवालों का मोहल्ला डांगावास निवासी अर्जुनराम मेघवाल ने 14 मई 2015 को पुलिस रिपोर्ट में कानाराम पुत्र चिमनाराम, ओमाराम पुत्र चिमनाराम सहित अन्य 200 जनों के खिलाफ आरोप लगाया कि हमारा खेत डांगावास गांव में पांचडोलिया रोड भैरूजी के थान के पास दो-तीन खेत छोड़कर है। करीब 11 बजे आरोपी ट्रैक्टरों एवं बाइकों पर सवार होकर हाथों में लाठी, लगिया लेकर खेत पर कब्जा करने की नीयत से आए, मकान तोड़ दिया, झोंपड़ी में आग लगाकर उन पर हमला कर दिया। मामले की सीबीआई की ओर से जांच कर दो चालान पेश किए गए। 6 आरोपियों के खिलाफ प्रथम चालान पेश किया और दूसरा 34 आरोपियों सहित कुल 40 आरोपियों के खिलाफ चालान कोर्ट में पेश किया गया।
अभियोजन पक्ष ने 41 गवाह, 163 दस्तावेज, 75 आर्टीकल किए पेश
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 41 गवाह, 163 दस्तावेज, 75 आर्टीकल पेश किए गए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से 9 गवाह, 30 दस्तावेज पेश किए गए। विशिष्ट न्यायाधीश आशीष बिजारनिया ने दोनो पक्षों को सुनने के बाद अपने 245 पेज के फैसले में संदेह का लाभ देते हुए सभी 40 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। सभी आरोपी जमानत पर चल रहे थे, लेकिन आज फैसले के दौरान कोर्ट में सभी आरोपी पेश हुए।
पीड़ित पक्ष हम फैसले से संतुष्ट नहीं
पीड़ित पक्ष के गोविंद मेघवाल ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते है, लेकिन हम संतुष्ट नही हैं और हम आगे हाईकोर्ट में अपील करेंगे। इस मामले में हमारे परिवार के 5 लोगों की हत्या कर दी गई, आई विटनेस भी है और इन गवाहों के 3-3 बार कोर्ट में बयान भी हुए। ऐसे में अब हम हाईकोर्ट जाएंगे।

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