दो करोड़ की फिरौती के लिए कारोबारी का अपहरण : 1700 किमी पीछा कर पुलिस ने छुड़ाया, 3 आरोपी गिरफ्तार
तीन दिन तक घुमाते रहे बदमाश
जयपुर। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने अपहरण कर दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगने वाली गैंग के तीन आरोपियों सैफ अली उर्फ सैफू उर्फ कालू (29) निवासी भैंसवालों का मौहल्ला सुभाष चौक हाल ठाठर रोड आमेर, नाजिम कुरैशी उर्फ पार्ले (21) निवासी गटवासन मेवात हरियाणा और जावेद हुसैन (24) को गिरफ्तार कर अपहृत व्यक्ति को सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस टीम ने आरोपियों का लगातार तीन दिन तक करीब 1700 किलोमीटर पीछा किया और कोटपूतली के पास दिल्ली-अजमेर हाईवे पर घेराबंदी कर अपहृत को आरोपियों के कब्जे से छुड़ाया। आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम और राहगीरों को वाहन से टक्कर मारने का प्रयास भी किया तथा ग्रामीण क्षेत्र में भागने की कोशिश की। आरोपियों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उपायुक्त पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि 21 अगस्त को परिवादी मोहम्मद ने रिपोर्ट दी कि उसके पिता काम से संजय नगर तिराहा झोटवाड़ा गए थे लेकिन काफी समय तक घर नहीं लौटे। उनका फोन भी बंद आ रहा था। परिजनों ने तलाश की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला कि उनका अपहरण हो गया है।
पैसे दो, वरना लाश मिलेगी :
उसी रात अपहृत व्यक्तिके मोबाइल फोन से उसके बेटे के फोन पर कॉल आया। बदमाशों ने धमकी दी कि यदि पिता को जिंदा चाहते हो तो दो करोड़ रुपए उनके बताए स्थान पर पहुंचा दो। साथ ही पुलिस को सूचना देने या किसी तरह की चालाकी करने पर पिता की लाश मिलने की धमकी दी गई।
जयपुर से कोटा और मध्यप्रदेश तक ले गए :
अपहृत व्यक्ति प्रॉपर्टी और बिल्डिंग लाइन का काम करता है। जयपुर के झोटवाड़ा, खोराबीसल, जयसिंहपुरा खोर और नाई की थड़ी सहित कई इलाकों में उसका प्रॉपर्टी कारोबार है। जयसिंहपुरा खोर में काम अधिक होने के कारण वह अपना काफी समय वहीं बिताता था। पुलिस के अनुसार अपहृत व्यक्ति की पूर्व किरायेदार सोफिया बेगम को उसकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति की जानकारी थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि सोफिया ने अपने बेटों जावेद और मुन्ना तथा आपराधिक प्रवृत्ति के परिचित सैफ अली, नाजिम और समीर के साथ मिलकर अपहरण और अवैध वसूली की योजना बनाई।
20 अगस्त को संजय नगर तिराहा झोटवाड़ा से अपहृत व्यक्ति को कार में बैठाकर मारपीट करते हुए अपने साथ ले गए। इसके बाद तीन दिन तक उसे जयपुर शहर, टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा और मध्यप्रदेश तक ले जाते रहे और उसके मोबाइल से परिजनों से दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगते रहे।

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