कृषक कल्याण के लिए राज्य सरकार सदैव कटिबद्ध, चौधरी ने कहा- विभागीय अधिकारी योजनाओं से किसानों और पशुपालकों को करें लाभान्वित
संख्या में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है
हमारा प्रदेश कृषि प्रधान होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश आबादी कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी हुई थी, जिनकी संख्या में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
जयपुर। राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी ने कहा कि कृषक कल्याण के लिए राज्य सरकार सदैव कटिबद्ध है। विभागीय अधिकारी योजनाओं द्वारा अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों को लाभान्वित करें। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश आबादी कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी हुई थी, जिनकी संख्या में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
पंत कृषि भवन में कृषकों, पशुपालकों, कृषि श्रमिकों एवं अन्य सहभागियों की समस्याओं एवं उनके समाधान के संबंध में राज्य सरकार को प्रस्तुत करने वाले प्रतिवेदन पर चर्चा के लिए गुरुवार को बैठक की अध्यक्षता करते हुए चौधरी ने किसानों एवं पशुपालकों की समस्याओं का निवारण कर प्राकृतिक खेती को मिशन के रूप अपनाकर इसे अधिक लाभकारी बनाया जाए। विभागों की ओर से संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के क्रियान्यवन में आ रही समस्याओं को दूर कर अधिक से अधिक कृषकों को लाभ पहुंचाए। किसान आयोग पशुपालकों, किसानों, सहभागियों एवं विभागों के मध्य एक सेतु का कार्य करता है। विभागों के कार्यों एवं योजनाओं को निर्बाध गति से संचालित किए जाने के लिए किसानों की समस्याओं के निराकरण के क्रम में आयोग द्वारा प्रतिवेदन तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाना हैं।
उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले ऋण की सीमा को किसान आयोग की सिफारिश एवं प्रयासों से 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है, कृषक हित में फार्म पोण्ड के लक्ष्य भी बढ़ाए गए है, जो किसान आयोग का एक सेतु के रूप में कार्य करने का जीवंत उदाहरण है। अध्यक्ष ने कृषि यंत्रों पर अनुदान, अतिवृष्टि से होने वाले फसल खराबा का मुआवजा समय पर पर देने, प्रमाणित बीज बुआई से पहले देने, जैविक खेती को बढ़ाने एवं जैविक उत्पादो को विक्रय के लिए मंडियों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए।
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