कार्यालयों में आमजन के लिए लगे वाटर कूलर आधे बंद, आधे चालू

नवज्योति ने देखे कार्यालयों के हालात

कार्यालयों में आमजन के लिए लगे वाटर कूलर आधे बंद, आधे चालू

अधिकारी - कर्मचारी पी रहे कैम्पर का पानी ।

कोटा। गर्मी का सीजन शुरु होने के साथ ही पानी और छाया की डिमांड पहले से अधिक हो गई है। शहर के अलावा सरकारी कार्यालयों में भी लोगों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था तो है लेकिन वह आधी अधूरी है। गर्मी का सीजन शुरु होने के साथ ही आमजन के लिए सरकारी कार्यालयों व सार्वजनिक स्थानों पर छाया पानी की व्यवस्था के लिए प्रशासन  को व्यवस्थाएं करनी है। एक दिन पहले जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने अधिकारियों की बैठक लेकर सभी को छाया पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया था। उसके बाद सरकारी कार्यालयों में पानी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। नगर निगम के राजीव गांधी प्रशासनिक भवन को फिलहाल ए-बी और सी ब्लॉक में बांटा हुआ है। जिसमें से ए ब्लॉक में कोटा दक्षिण और बी व सी में कोटा उत्तर निगम के कार्यालय संचालित हो रहे है।  नगर निगम भवन के बी व सी ब्लॉक में हर फ्लोर पर दोनों तरफ दो-दो वाटर कूलर लगाए हुए हैं। लेकिन हालत यह है कि जहां तीसरी मंजिल पर सबसे अधिक पानी की जरूरत है वहां के वाटर कूलर बंद है। वहीं दूसरे व पहले फ्लोर के वाटर कूलरों में भी कोई चालू है तो कोई बंद। किसी का नल ही गायब है। वहीं निगम के ए ब्लॉक में ग्राउंड व प्रथम तल पर तो वाटर कूलर ही नहीं है। जबकि दूसरी व तीसरी मंजिल पर एक-एक वाटर कूलर लगे हुए हैं जो चालू हालत में है। नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही मेन गेट के पास भी एक वाटर कूलर लगा हुआ है जो चालू हालत में है। जबकि कई जगह पर मटके भी रखे हुए हैं। लोगों का कहना है कि वाटर कूलर का पानी ठंडा रहता है लेकिन उससे प्यास नहीं बुझती। जबकि मटके के पानी से प्यास बुझ जाती है और वह पानी नुकसान भी नहीं करता है।  

केडीए में भी लगे वाटर कूलर
इसी तरह कोटा विकास प्राधिकरण के पुराने व नव विस्तारित भवन में वाटर कूलर तो लगे हुए हैं। उनमें से पुराने भवन में प्रथम तल पर लगा वाटर कूलर बंद है। जबकि नए भवन में सभी फ्लोर पर एक-एक वाटर कूलर चालू हालत में है। नगर निगम और केडीए में लगे वाटर कूलरों का पानी अधिकतर आमजन ही पी रहे है। इसी तरह से अन्य सरकारी कार्यालयों कलक्ट्रेट समेत सभी जगह पर भी वाटर कूलर लगे हुए हैं। 

कैम्परों की अधिक खपत
हालत यह है कि चाहे नगर निगम हो या केडीए या अन्य कोई भी सरकारी कार्यालय। यहां आमजन के लिए तो वाटर कूलर है जबकि अधिकारी व कर्मचारी कैम्परों का पानी पी रहे है। सरकारी कार्यालयों में कैम्परों के पानी की भी काफी अधिक खपत है। नगर निगम कार्यालय में  तो सुबह-सुबह कैम्पर की गाड़ी भरकर आती है।  नगर निगम कोटा उत्तर आयुक्त अशोक त्यागी ने बताया कि सभी वाटर कूलर सही करने के लिए निर्देशित किया हुआ है। कोई वाटर कूलर बंद या खराब होगा तो उसे सही करवा दिया जाएगा।  आयुक्त ने बताया कि गर्मी में आमजन के लिए शहर में कई जगह पर मटकों की प्याऊ लगाई जाएगी।

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