शिक्षा विभाग में कम्प्यूटर अनुदेशकों के पदनाम बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं, जानें पूरा मामला
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान वर्ष 2001 से कक्षा 9-10 में कम्प्यूटर विषय पढ़ा रहा
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि 9862 बेसिक और 1182 वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक पदों को शिक्षक ग्रेड-द्वितीय या व्याख्याता में समायोजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। तकनीकी प्रकृति के कारण पदनाम अनुदेशक रखा गया है। इनके कार्यों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब संचालन और ऑनलाइन कार्य शामिल हैं।
जयपुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में विभाग के अंतर्गत कार्यरत 9862 बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक पदों को कम्प्यूटर शिक्षक ग्रेड-द्वितीय के रूप में सृजित कर समायोजित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसी प्रकार 1182 वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक पदों को व्याख्याता (कम्प्यूटर शिक्षा) के नए पद सृजित कर समायोजित करने की भी कोई प्रक्रिया प्रस्तावित नहीं है।
विधानसभा में सरकार ने बताया कि दोनों पदों के दायित्व कक्षा 1 से 12 तक विद्यार्थियों को कम्प्यूटर विषय का शिक्षण देना है, लेकिन विषय की तकनीकी प्रकृति को देखते हुए पदनाम “अनुदेशक” रखा गया है, न कि शिक्षक। कम्प्यूटर शिक्षा में प्रायोगिक प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता पर अधिक जोर होता है। इसी कारण इस विषय के अभ्यर्थियों को बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए भी पात्र नहीं माना जाता।
कम्प्यूटर अनुदेशकों के जॉब चार्ट में स्मार्ट क्लास संचालन, शाला दर्पण व ऑनलाइन कार्यों में सहयोग, रोबोटिक्स व तकनीकी गतिविधियों में मार्गदर्शन, वेबकास्ट संपादन तथा आईसीटी लैब को कार्यशील रखना जैसे कार्य शामिल हैं।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान वर्ष 2001 से कक्षा 9-10 में कम्प्यूटर विषय पढ़ा रहा है। विभाग में कैडर विस्तार की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कैडर पुनर्गठन या पदोन्नति लाभ का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।

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