निकायों में चल रहे विकास कार्यों की होगी संभाग स्तर पर सख्त गुणवत्ता जांच, प्रत्येक शुक्रवार को भेजनी होगी रिपोर्ट
संबंधित वरिष्ठ अभियंता नियमित निरीक्षण करेंगे
स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश के नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों की संभाग स्तर पर गुणवत्ता जांच के आदेश दिए हैं। यह अभियान 31 मार्च तक चलेगा। वरिष्ठ अभियंता नियमित निरीक्षण करेंगे और निर्माण सामग्री की सैंपल जांच की साप्ताहिक रिपोर्ट विभाग को भेजेंगे। अमृत, स्वच्छ भारत और 50 लाख से अधिक लागत वाले कार्य जांच के दायरे में होंगे।
जयपुर। प्रदेशभर के नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों की संभाग स्तर पर व्यापक गुणवत्ता जांच की जाएगी और संबंधित वरिष्ठ अभियंता नियमित निरीक्षण करेंगे। स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यह अभियान 31 मार्च तक चलेगा।
यह आदेश मुख्य सचिव के निर्देशों की पालना में जारी किए गए हैं। विभाग ने जयपुर, अजमेर और बीकानेर नगर निगम के अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं तथा जयपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और भरतपुर नगर निगम के वरिष्ठ अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। आदेश के अनुसार संबंधित अभियंता अपने-अपने संभागों में चल रहे विकास कार्यों का सतत निरीक्षण करेंगे।
गुणवत्ता जांच के तहत निर्माण कार्यों में उपयोग हो रहे मैटेरियल के सैंपल लेकर उनकी जांच की जाएगी और उसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी। यह रिपोर्ट साप्ताहिक रूप से प्रत्येक शुक्रवार शाम 5 बजे तक अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।
जांच के दायरे में केंद्र सरकार की अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य बजट घोषणाओं के तहत चल रहे कार्यों के साथ-साथ 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाले सभी विकास कार्य शामिल होंगे। विभाग का उद्देश्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और समयबद्ध, पारदर्शी क्रियान्वयन को बढ़ावा देना है।

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