जेकेके में तीन दिवसीय मधुरम महोत्सव शुरू : सानिया पाटनकर ने जयपुर घराना गायकी के सौंदर्य से किया सराबोर
विभिन्न रागों में मधुर गायन से श्रोताओं का मन मोहा
जयपुर। जेकेके की ओर से आयोजित मधुरम महोत्सव की सोमवार को सुरीली शुरुआत हुई। जयपुर घराने की गायिका विदुषी सानिया पाटनकर ने विभिन्न रागों में मधुर गायन से श्रोताओं का मन मोहा। सानिया की प्रस्तुति ने कला प्रेमियों को जयपुर घराने की गायिकी के सौंदर्य से सराबोर किया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हुई प्रस्तुति में श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से बेहतरीन गायिकी के साथ प्रभु की महिमा का बखान किया गया।
वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए सानिया पाटनकर ने राग मेघ को अपनी प्रस्तुति का आधार बनाया। उन्होंने झपताल मध्यलय में निबद्ध बंदिश गरजे घटा के जरिए बरसते बादलों की क्रीड़ा का वर्णन किया। राग सूहा कानडा में द्रुत एकताल में बंदिश गाकर उन्होंने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण चरित्र आधारित रचना पेश की। अंत में संत सूरदास के भजन हे गोविंद हे गोपाल.. को गाकर माहौल को कृष्णमय बना दिया।

Comment List