नाहरगढ़ जैविक उद्यान में वन्यजीवों के दीदार के लिए उमड़े सैलानी, वर्ष 2026 में महज 39 दिनों में 57 हजार से अधिक पर्यटकों का आगमन
सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
राजधानी जयपुर का नाहरगढ़ जैविक उद्यान सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 के अब तक के मात्र 39 दिनों में 57 हजार से अधिक पर्यटक उद्यान में वन्यजीवों के दीदार कर चुके हैं।
जयपुर। राजधानी जयपुर का नाहरगढ़ जैविक उद्यान सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 के अब तक के मात्र 39 दिनों में 57 हजार से अधिक पर्यटक उद्यान में वन्यजीवों के दीदार कर चुके हैं। एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रविवार को बदलते मौसम का सुहावना मिजाज और अवकाश के दिन का उत्साह बड़ी संख्या में पर्यटकों को नाहरगढ़ जैविक उद्यान की ओर खींच लाया। इस दौरान कुल 3177 सैलानियों ने उद्यान का भ्रमण कर वन्यजीवों को नजदीक से देखने का अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान लायन सफारी और टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहीं, कुल 284 पर्यटकों ने दोनों सफारियों का रोमांचक अनुभव लिया। बाघों की गर्जना और शेरों की शाही चाल ने सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में संचालित टाइगर सफारी और लायन सफारी इन दिनों न केवल जयपुरवासियों बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण बनी हुई है।
उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में उद्यान में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसीएफ राठौड़ एवं रेंजर शुभम शर्मा ने रविवार को सफारियों की सघन मॉनिटरिंग कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। वन विभाग की सतत निगरानी एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान राज्य के प्रमुख और लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है। यह उद्यान न केवल पर्यावरण संरक्षण का सशक्त उदाहरण है, बल्कि पर्यटकों के लिए शिक्षाप्रद एवं मनोरंजक अनुभव का केन्द्र भी बनता जा रहा है।

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