वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम से सीमावर्ती गांवों के विकास को मिलेगी नई गति
सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास के लिए वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-।। को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री स्वयं योजना की लगातार मॉनिटरिंग कर अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दे रहे हैं।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास के लिए वाईब्रेंट विलेज प्रोग्राम-।। को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री स्वयं योजना की लगातार मॉनिटरिंग कर अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दे रहे हैं। कार्यक्रम के तहत राजस्थान के पांच सीमावर्ती जिलों—श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और फलौदी के 184 रणनीतिक गांवों का चयन किया गया है। प्रत्येक गांव में प्रतिवर्ष 3 करोड़ रुपये की लागत से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन, कौशल विकास और आजीविका से जुड़े विकास कार्य किए जाएंगे। वर्तमान में 123 गांवों में 232 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 515 कार्य प्रस्तावित हैं।
योजना के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और संचार नेटवर्क मजबूत करने के साथ ग्रामीणों को रोजगार, पर्यटन और स्थानीय आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। सीमा ब्लॉकों के 3,195 गांवों में सड़क, टेलीविजन, दूरसंचार और विद्युतीकरण जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम के तहत 1,206 सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए प्रतिवर्ष 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को विकास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बनाना है।

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