जल संसाधन विभाग : बाढ़ से क्षतिग्रस्त नहरों व बांधों की पाल की होगी मरम्मत, सभी मरम्मत कार्य 30 दिनों के भीतर पूरे होंगे
इकलेरा सिंचाई परियोजना की क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत
जल संसाधन विभाग ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई नहरों और बांधों की पाल की मरम्मत को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। बारां जिले में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ी नहरों और पाल की मरम्मत के लिए विभाग द्वारा टेंडर जारी कर दिए गए हैं। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी मरम्मत कार्य 30 दिनों के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि आगामी सिंचाई सत्र में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जयपुर। जल संसाधन विभाग ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई नहरों और बांधों की पाल की मरम्मत को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। बारां जिले में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से जुड़ी नहरों और पाल की मरम्मत के लिए विभाग द्वारा टेंडर जारी कर दिए गए हैं। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी मरम्मत कार्य 30 दिनों के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि आगामी सिंचाई सत्र में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जानकारी के अनुसार महोदरी सिंचाई परियोजना, कालीसोत सिंचाई परियोजना, अहमदी सिंचाई परियोजना, नाहरगढ़ सिंचाई परियोजना, छत्रपुरा सिंचाई परियोजना और इकलेरा सिंचाई परियोजना की क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही सेमली फाटक बांध की पाल पर रेनकट, खटका बांध की रेनकट, रामपुरा तालाब की पाल, सहरोल तलहटी की पाल, बगदेव तालाब की पाल तथा नारायणखेड़ा नहर की मरम्मत भी प्रस्तावित है। इसके अलावा रातई बांध की माइनरों और केलवाड़ा बांध की नहर पर हुए रेनकट की मरम्मत भी कराई जाएगी।
वहीं बीसलपुर परियोजना की बायीं मुख्य नहर के लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह अवाप्ति नहर की आरडी 4.50 किलोमीटर से लेकर 9.50 किलोमीटर तक की जाएगी। ग्राम भैरूपुरा बोटूंदा की शेष रही भूमि का भी अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त कलेक्टर (पुनर्वास) बीसलपुर परियोजना को अधिकृत किया गया है। विभाग का मानना है कि इन कार्यों के पूरा होने से सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी और किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।

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