प्रदेश के गांवों में नहीं मिलेगा मुफ्त में पानी, मंत्री ने दिए शुल्क लगाने के संकेत
दिव्यांगजनों की वर्षों पुरानी मांग पूरी
जयपुर। राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल की आपूर्ति को नियमित, स्वच्छ और टिकाऊ बनाए रखने के लिए संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी प्रदान की है।
कैबिनेट के बाद प्रेसवार्ता में जलदाय मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि इस नीति में केन्द्र सरकार के जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देशों तथा इसके सभी 19 प्रमुख घटकों को शामिल किया गया है। ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी प्रबंधन और निगरानी के लिए ग्राम पंचायत, क्लस्टर समिति, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर संस्थागत ढांचा गठित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जेजेएम में ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को मेरी नजर में फ्री में पानी नहीं मिलना चाहिए, उनसे कम से कम 50 रुपए की हर माह शुल्क वसूली हो ताकि पानी का महत्व समझ सकें। मंत्री के इन संकेतों के बाद कयास लगाए जा रहे है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब पानी का शुल्क वसूला जाएगा।
दिव्यांगजनों की वर्षों पुरानी मांग पूरी :
कैबिनेट ने शासकीय सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का नोशनल बेनेफिट 30 जून 2016 से दिए जाने के लिए राजस्थान दिव्यांगजन अधिकार संशोधन नियम-2026 का अनुमोदन किया है। 2026-27 की बजट घोषणा की अनुपालना में किए गए इस फैसले से राज्य के दिव्यांग कार्मिकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है।
ये भी हुए फैसले :
जनजाति क्षेत्रीय विकास में वार्डन की भर्ती का मार्ग प्रशस्त
जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम 2001 में संशोधन का अनुमोदन
राजस्थान वन अधीनस्थ सेवा नियम 2015 में संशोधन
महिला एवं बाल विकास विभाग सेवा नियम संशोधन
एस्केप जलाशय निर्माण से प्रभावित काश्तकारों को भूमि आवंटन
21 गैर-खातेदार काश्तकारों को उसी गांव में भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति
मानसून के दौरान नहर से मिलने वाले अतिरिक्त पानी का इस जलाशय में संग्रहण हो सकेगा
जोधपुर को नियमित जल आपूर्ति में मदद मिलेगी।

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