Rajasthan Assembly Election 2023: विधानसभा चुनाव की आहट, छोटे दल भी हुए सक्रिय
आरएलपी, आप, माकपा,भाकपा ने चुनावी तैयारी तेज की, बसपा ने पांच और एआईएमआईएम ने एक टिकट दिया
ब्यूरो/ नवज्योति, जयपुर। राज्य में चुनाव की आहट के साथ ही भाजपा और कांग्रेस के साथ ही छोटे दलों ने भी चुनावी समर में उतरने की तैयारी तेज कर दी है। बसपा ने सभी दलों को पछाड़ते हुए उत्तरप्रदेश की तर्ज पर पांच नेताओं को टिकट दिए हैं।
एआईएमआईएम ने भी पार्टी के प्रदेश संयोजक जमीन खान को हवामहल से पार्टी प्रत्याशी घोषित किया है। राष्टय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी चुनावी समर में उतरने के लिए कमरकस ली है। पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल दल के विस्तार के लिए प्रदेशभर में रैली के जरिए मतदाताओं को साधने में लगे हैं। आम आदमी पार्टी, माकपा, भाकपा, जनता दल धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी पार्टी ने भी चुनाव जंग की तैयारी में जुटे हैं।
बसपा
बसपा के टिकट पर वर्ष 2018 में छह विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन बाद में सभी छह विधायकों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। बसपा के साथ वर्ष 2008 में भी ऐसा ही हुआ था, जब भी बसपा के टिकट पर छह विधायक जीते थे, कुछ समय बाद सभी विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए। इस बार बसपा ने पुरानी घटनाओं से सबक लेते हुए पार्टी के प्रति निष्ठावान कार्यकर्ताओं को चुनावी जंग में उतारने की रणनीति तैयार की है। बसपा ने प्रदेश के कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए धौलपुर से ‘बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय’ यात्रा शुरू की, जिसमें बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी।
आरएलपी
पार्टी के प्रदेश में तीन विधायक और एक सांसद हैं। पार्टी समय-समय पर युवा, किसान और जवान के हितों के लिए संघर्षरत हैं। किसान आन्दोलन के मुद्दे पर एनडीए में शामिल आरएलपी प्रमुख एवं सांसद हनुमान बेनीवाल ने एनडीए से नाता तोड़ लिया था। आरएलपी प्रदेश की अधिकांश सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी, जिसमें उन लोगों को भी टिकट दिए जा सकते हैं। जिन पर भाजपा और कांग्रेस ने विचार नहीं किया होगा।
एआईएमआईएम
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद असुद्दीन औवेसी प्रदेश में राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए बार-बार राज्य के दौरे कर रहे हैं। उनका फोकस मुस्लिम बाहुल्य करीब तीन दर्जन सीटों पर हैं, जहां पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी मुस्लिम नेताओं को ही चुनाव में उतारेगी।
सीपीएम
प्रदेश में अभी दो विधायक हैं। पार्टी राज्य की 27 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को उतारेगी। सीपीएम के राज्य सचिव एवं पूर्व विधायक अमराराम कहते हैं कि पार्टी वर्षभर सक्रिय रहती हैं। किसान आन्दोलन पर केन्द्र सरकार को झुकाया है, ऐसे में पार्टी का फोकस अभी 27-28 सीटों पर हैं। इसी तरह सीपीआई भी प्रदेश की शेखावाटी, बीकानेर संभाग की कुछेक सीटों पर प्रत्याशियों को चुनाव में उतारेगी।
आरएलडी
आएलडी का एक विधायक है। इस बार भी आरएलडी और कांग्रेस के बीच तालमेल होने की संभावना हैं। आरएलडी विधायक डॉ.सुभाष गर्ग अभी राज्य सरकार में मंत्री हैं।
आप
पार्टी की अभी दिल्ली और पंजाब में सरकार है। पार्टी का मुख्य फोकस पंजाब से लगते हुए बीकानेर संभाग पर हैं। पिछले दिनों पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल श्रीगंगानगर में सभा की थी। सूत्रों का कहना है कि पार्टी प्रदेश की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारेगी।

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