अमेरिकी रक्षा सब्सिडी का युग समाप्त: हेगसेथ की दोटूक, बोले- हमें साझेदारों की जरूरत है, न कि संरक्षित राज्यों की
अमेरिकी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव
सिंगापुर। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में आयोजित 23वां शांग्री-ला डायलॉग में स्पष्ट किया कि अमीर देशों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी रक्षा सब्सिडी मुहैया कराने का युग अब समाप्त हो गया है। हेगसेथ ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के रक्षा मंत्रियों और सैन्य प्रमुखों को संबोधित करते हुए एक संशोधित राष्ट्रीय रक्षा रणनीति की रूपरेखा पेश की। यह रणनीति शीत युद्ध के बाद के अमेरिका की सुरक्षा गारंटी मॉडल से एक स्पष्ट बदलाव को दर्शाती है।
हेगसेथ ने कहा, "अमीर देशों की रक्षा के लिए अमेरिका द्वारा सब्सिडी देने का युग अब समाप्त हो गया है। हमें साझेदारों की जरूरत है, न कि संरक्षित राज्यों की। हम साझा जिम्मेदारी पर बने गठबंधन चाहते हैं, न कि निर्भरता पर।" पीट हेगसेथ ने कहा, "हम अपने गठबंधनों और साझेदारों के लिए एक नया रास्ता तैयार कर रहे हैं। एक ऐसा रास्ता जो शक्ति और हितों की वास्तविकताओं पर आधारित है। यह एक ऐसा रास्ता है जो अमेरिका को और मजबूत, हमारे सहयोगियों और साझेदारों को और अधिक सक्षम और प्रशांत क्षेत्र को और अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाएगा।"
उनके संबोधन का सबसे तीखा संदेश उन सहयोगियों के लिए था जो लंबे समय से वाशिंगटन की सुरक्षा छतरी पर निर्भर रहे हैं, लेकिन उसके निवेश के बराबर योगदान नहीं दिया है। हेगसेथ ने घोषणा की, कि अमीर देशों को अमेरिकी सुरक्षा का मॉडल अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उन्होंने दक्षिण कोरिया को बतौर मॉडल पेश किया कि असली 'बोझ साझा करने' जैसा दिखता है। उन्होंने राष्ट्रपति ली के रक्षा खर्च को जीडीपी के 3.5 प्रतिशत तक बढ़ाने और अपनी पारंपरिक रक्षा की अधिक जिम्मेदारी लेने के फैसले की सराहना की। यह एक ऐसा पैमाना था जिसे वे हॉल में मौजूद अन्य लोगों के लिए भी तय करते दिखे।
बीजिंग में पिछले महीने हुए ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन के बाद से चीन को लेकर वाशिंगटन का लहजा अधिक संयमित रहा है लेकिन सचिव ने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्रीय प्रभुत्व के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा, "किसी भी एक महाशक्ति के प्रभुत्व वाला प्रशांत क्षेत्र क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को बिगाड़ देगा और उस संतुलन को कमजोर कर देगा जिसे हम सभी बनाए रखना चाहते हैं।"

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