महिला आरक्षण को जानबूझकर टाल रही केन्द्र सरकार : परिसीमन से जोड़कर वास्तविक उद्देश्य से भटका रही सरकार, जयराम ने लगाया टालमटोल करने का आरोप
लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को आरक्षण का लाभ देने की सरकार की मंशा नहीं
नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने के बजाय उसे परिसीमन और जातिगत जनगणना से जोड़कर जानबूझकर टाल रही है और इस टालमटोल को देखते हुए स्पष्ट हो रहा है कि सरकार की मंशा अगले लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को आरक्षण का लाभ देने की नहीं है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 23 सितंबर 2023 को संसद से पारित हो गया था, लेकिन सरकार ने लगभग 3 वर्ष तक इसे लागू नहीं किया और बाद में इसकी अधिसूचना जारी की। उनका आरोप था कि सरकार द्वारा लाए गए संविधान संशोधन संबंधी विधेयकों का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट मांग रही है कि महिला आरक्षण को वर्तमान लोकसभा की 543 सीटों पर ही तत्काल लागू किया जाए। उनका कहना था कि इसी कारण विपक्षी दलों ने परिसीमन संबंधी प्रस्तावों का विरोध किया था। रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे को परिसीमन से जोड़कर वास्तविक उद्देश्य से भटका रही है। उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया और उसके संचालन का तरीका भी महत्वपूर्ण मुद्दा है तथा जम्मू-कश्मीर और असम में हुए परिसीमन को लेकर पहले ही कई सवाल उठ चुके हैं।
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि परिसीमन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और भरोसे के साथ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने जातिगत जनगणना कराने की घोषणा तो की है, लेकिन इसे लंबे समय तक टालने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि जातिगत जनगणना के बाद परिसीमन कराया जा सकता है, लेकिन महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण अगले लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाना चाहिए, ताकि देश की महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार बिना किसी देरी के मिल सके।

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