आरपीएससी के पोर्टल में एआई से सेंधमारी, साइबर थाना पुलिस ने 7 दिन में दौसा से दबोचा शातिर इंजीनियर
एआई और कोडिंग से ऐसे बाईपास किया ओटीआर का सुरक्षा घेरा
अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को हाईटेक तरीके से दूषित करने वाले एक बेहद शातिर और पढ़े-लिखे अपराधी को अजमेर की साइबर थाना पुलिस ने महज 7 दिन के भीतर दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपी ने किसी सामान्य फजीर्वाड़े से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग के दम पर राजस्थान सरकार के रिक्रूटमेंट पोर्टल में अवैध रूप से सेंधमारी की थी। उसने फर्जी एसएसओ आईडी बनाकर सहायक खनिज अभियंता भर्ती परीक्षा-2024 की विचारित सूची में शामिल शीर्ष 3 अभ्यर्थियों के आवेदन को ही ऑनलाइन प्रत्याहरित (विथड्रॉ) यानी डिलीट कर दिया। ऐसा करने के पीछे उसका मकसद खुद का नाम मेरिट लिस्ट में ऊपर लाकर चयन सुनिश्चित करना था।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गांगडया ढाणी, छारेडा, नांगल राजावतान जिला दौसा हाल गांगडिया भवन, सैथल मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग 21 चौराहा जिला दौसा निवासी राहुल कुमार मीणा (27) पुत्र गुलाबराम मीणा है।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे दौसा से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 25 जून तक के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अनुसंधान अधिकारी डीएसपी शमशेर खां आरोपी से गहनता से पूछताछ कर रहे हैं। घर के नजदीक आने की चाहत ने सरकारी नौकरी से धोया हाथ:पुलिस की शुरूआती जांच में जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला है। आरोपी राहुल कुमार मीणा कोई बेरोजगार युवक नहीं, बल्कि झारखंड में भारत सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड में एक फुल-टाइम इंजीनियर के पद पर अच्छे वेतन पर कार्यरत था। चूंकि वह मूल रूप से राजस्थान के दौसा का रहने वाला था, इसलिए वह अपनी नौकरी छोड़कर घर के नजदीक आना चाहता था। उसने सहायक खनिज अभियंता भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन मेरिट में अपना नंबर ऊपर लाने के चक्कर में उसने इतना बड़ा साइबर क्राइम कर डाला।
एआई और कोडिंग से ऐसे बाईपास किया ओटीआर का सुरक्षा घेरा
शातिर दिमाग - पुलिस पूछताछ में आरोपी इंजीनियर राहुल मीणा ने कुबूल किया कि उसने रिक्रूटमेंट पोर्टल की सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का सहारा लिया था।
बाईपास कोडिंग- उसने पोर्टल पर अनिवार्य वन टाइम रजिस्ट्रेशन के सुरक्षा कवच को बाईपास करने वाली एक विशेष फॉर्म विड्रॉल कोडिंग तैयार की। इसके बाद उसने आरपीएससी की साइट से सीधे उन 3 अभ्यर्थियों के फॉर्म विथड्रॉ कर दिए जो मेरिट में उसके आगे रोड़ा बने हुए थे।

Comment List