वर्ल्ड एलिफेंट डे : घटा हाथी सवारी का आकर्षण, 8 साल में 70% पर्यटक हुए कम
अब विदेशी पर्यटक पूछते हैं...हाथी सफारी ‘एथिकल’ है या नहीं
जयपुर। विश्व प्रसिद्ध आमेर किले की पहचान से जुड़ी हाथी सवारी का आकर्षण अब लगातार कम होता जा रहा है। पिछले आठ वर्षों में हाथी की सवारी करने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। जानकारी के अनुसार 8 सालों में हाथियों के कुल 2,67,282 रोटेशन लगे। इस दौरान 5,34,564 पर्यटकों ने हाथी सवारी की। लेकिन वर्ष 2018-19 में जहां 1,64,608 पर्यटकों ने हाथी सफारी का आनंद लिया था। वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर महज 48,474 रह गई। यहां वर्तमान में संचालित हाथी सवारी के लिए 68 हाथी हैं। यहां हाथी स्टैंड से जलेब चौक तक पर्यटकों को सवारी कराई जाती है।
कोरोना के बाद पर्यटक लौटे, लेकिन हाथी सफारी नहीं लौटी पुराने रंग में : आमेर महल प्रशासन से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में हाथी सवारी करने वाले पर्यटकों की संख्या 1,08,378 रही। इसके बाद कोरोना महामारी के चलते 2020-21 में (नवम्बर 2020 से मार्च 2021 तक के आंकड़े हैं) यह आंकड़ा गिरकर महज 2,922 रह गया। वर्ष 2021-22 में 9,560, 2022-23 में 54,514, 2023-24 में 79,090, 2024-25 में 67,018 और 2025-26 में 48,474 पर्यटकों ने हाथी सवारी की।
अब विदेशी पर्यटक पूछते हैं...हाथी सफारी ‘एथिकल’ है या नहीं : पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि हाथी सवारी की घटती लोकप्रियता के पीछे सिर्फ विदेशी पर्यटकों की संख्या में कमी ही जिम्मेदार नहीं है। दुनिया भर में बढ़ते एनिमल वेलफेयर अभियान, एथिकल टूरिज्म और जिम्मेदार पर्यटन की अवधारणा ने भी पर्यटकों की पसंद बदल दी है। खासकर यूरोप सहित पश्चिमी देशों के पर्यटक अब ऐसी गतिविधियों से दूरी बनाने लगे हैं।
टूर ऑपरेटरों की रणनीति भी बदली :
पर्यटन विशेषज्ञ महेश शर्मा के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे पशु कल्याण अभियानों का असर विदेशी पर्यटकों के व्यवहार पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। कई बडी ट्रैवल कंपनियां हाथी सवारी को टूर पैकेज से हटा चुकी हैं। इसका सीधा असर आमेर में हाथी सफारी पर पड़ रहा है।
पहला ऐसा फोर्ट, जहां होती है हाथी सवारी :
पर्यटन विशेषज्ञ संजय कौशिक का कहना है कि प्रदेश में आमेर महल पहला ऐसा फोर्ट है जहां हाथी सवारी होती है। लेकिन पिछले करीब 5 सालों के दौरान हाथी सवारी करने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है।
एक हाथी के खानपान पर चार हजार रुपए खर्चा :
हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू खान का कहना है कि विदेशी पर्यटकों की कमी के चलते आमेर महल में हाथियों के कम राउंड लग रहे हैं। हाथियों के प्रतिदिन खानपान के खर्चे की बात करें तो प्रतिदिन इनकी डाइट पर 4000 रुपए तक खर्चा आ रहा है।

Comment List