आसमान में गूंजा वायुसेना का पराक्रम, नौ हॉक विमानों ने तिरंगे सहित कई फॉर्मेशन बनाकर दिखाई उड़ान की सटीकता
सुखोई-30, तेजस व प्रचंड ने बढ़ाया रोमांच
जोधपुर। जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर गुरुवार सुबह से ही आसमान में भारतीय वायुसेना के शौर्य, साहस और अद्भुत विमानन कौशल का नजारा देखने को मिला। वायु अभ्यास के दौरान आयोजित तरंग शक्ति भव्य एयर शो में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के नौ हॉक विमानों, सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन दल व लड़ाकू विमानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। विमानों की गड़गड़ाहट और आसमान में बनती आकर्षक आकृतियों ने हर किसी का ध्यान खींचा। सुखोई-30 व स्वदेशी तेजस की निचली उड़ानों ने भी रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया।
सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने करीब 25 मिनट के प्रदर्शन में अपने बेजोड़ कौशल का परिचय दिया। पहले चरण में नौ विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए तिरंगा, डायमंड और वाई सहित विभिन्न फॉर्मेशन बनाए। आसमान में विमानों की एकसाथ सटीक चाल और तालमेल देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। प्रदर्शन के दूसरे चरण में टीम छोटी टुकड़ियों में बंट गई। इसके बाद विमानों ने जमीन के करीब उड़ान भरते हुए जोखिम भरे करतब दिखाए। पायलटों के अद्वितीय साहस, अनुशासन और पेशेवर दक्षता ने भारतीय वायुसेना की क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
सूर्यकिरण के साथ सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन दल ने भी आसमान में शानदार करतब दिखाए। स्वदेशी उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों के तालमेल और नियंत्रित उड़ान ने दर्शकों को प्रभावित किया। सारंग टीम के गठन की शुरूआत वर्ष 2003 में हुई थी, जब स्वदेशी हेलीकॉप्टरों को वायुसेना में शामिल किया जा रहा था। टीम के कमांडिंग अधिकारी व दल प्रमुख अभिजीत ने कहा कि सारंग दल भारतीय वायुसेना का ब्रांड एंबेसडर है।
सुखोई, तेजस व प्रचंड ने बढ़ाया रोमांच :
एयर शो में सुखोई-30 एमकेआई, स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस व प्रचंड लड़ाकू हेलीकॉप्टर ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। वायुसेना, थलसेना और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों और शहर के गण्यमान्य नागरिकों ने इस आयोजन को देखा। राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट्स और विद्यार्थियों को तेजस, सुखोई, राफेल सहित वि•िान्न लड़ाकू विमानों को करीब से देखने का अवसर मिला।

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