विश्वेंद्र सिंह ने फिर उठाए प्रदेश नेतृत्व पर सवाल, बोले-स्वाभिमानी लोगों का पार्टी में दम घुट रहा
अहंकार और चापलूसी का आरोप
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विश्वेंद्र सिंह ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी के संगठन और प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए पत्र में उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस पार्टी ने 60 साल तक देश पर शासन किया, उसकी राजस्थान में आज कोई धणी-धोरी नहीं है और पार्टी राम भरोसे हो गई है।
विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता जिस डाल पर बैठते हैं, उसी को काटने में लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं के सम्मान और अनुभव की अनदेखी हो रही है। युवाओं को मार्गदर्शन देने वाला कोई नहीं है और नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए भी स्पष्ट सोच नजर नहीं आती। उन्होंने नेतृत्व से अहम और वहम की राजनीति छोड़कर संगठन को मजबूत करने की अपील की।
पूर्व मंत्री ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में मिली जिम्मेदारियों को उन्होंने ईमानदारी और निष्ठा से निभाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कभी चापलूसी नहीं करेंगे और हमेशा अपने सिद्धांतों पर कायम रहेंगे। विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि वफादारी की कीमत चुकानी पड़ी, लेकिन उन्होंने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन को खुली किताब बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के लिए उनके घर और दिल के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।

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