भाजपा की रणनीति निकाय चुनाव जैसी : पंचायतों में घोषणा पत्र जारी होगा, प्रत्याशी चयन ऐनवक्त पर होंगे
ज्यादातर निगमों-परिषदों-पालिकाओं में भाजपा के बोर्ड बने
जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा निकाय चुनावों की अपनी रणनीति की तर्ज पर ही काम कर रही है। निकाय चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस कई ज्यादा बढ़त हासिल की थी। सरकार के खिलाफ कोई एंटी इंकम्बैंसी नहीं दिखी थी। ज्यादातर निगमों-परिषदों-पालिकाओं में भाजपा के बोर्ड बने।
ऐसे में भाजपा ने निकाय चुनाव की रणनीति को ही पंचायत चुनाव में मूर्तरूप दिया है। भाजपा ने पंचायत चुनाव के लिए संभाग से लेकर पंचायतों तक प्रभारी लगा दिए हैं। निकाय चुनाव की तर्ज पर ही भाजपा पंचायतों यानी गांवों के लिए अपना चुनावों घोषणा पत्र जारी करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार भाजपा रविवार को इसे पहले चरण के नामांकन से पूर्व रविवार को जारी करेगी। इसे सीएम भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड गांवों का आगामी पांच साल का कामों का रोडमैप बनाकर जारी करेंगे। इसी तरह से भाजपा ने प्रत्याशी चयन में भी निकायों की रणनीति को ही अपनाया है। 13 अक्टूबर को पहले चरण के पंचायत चुनाव के प्रत्याशी नामांकन तारीख है। इस चरण में 16 जिलों में जिला परिषद सदस्यों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के लिए नामांकन होगा। वहीं पंच और सरपंच को 23 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। भाजपा में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए अभी तक कोई सूची जारी नहीं की है। उच्चस्थ सूत्रों के अनुसार नामांकन की अंतिम तिथि से एक दिन पहले 12 अक्टूबर को ही अधिकांश प्रत्याशियों की सूचियां जारी होगी।
बागियों को मनाने की कवायद होगी : किसी बड़े दावेदारों को बागी होने से बचाने का जिम्मा भाजपा के प्रदेश नेतृत्व को दिया जाएगा। चुनावों के परिणामों से पहले ही भाजपा जीते उम्मीदवारों की बाडाबंदी भी करेगी, उन्हें जिला परिषद प्रमुख बनने तक नजरबंद रखा जाएगा, ताकि क्रॉस वोटिंग की नाम मात्र की आशंका ना रहे।

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