ट्रम्प ने दिया झटका: कई भारतीय कंपनियों पर अमेरिका की सख्ती, ग्रीन कार्ड के लिए स्पॉन्सर करती हैं कंपनियां
ग्रीन कार्ड स्पॉन्सरशिप प्रक्रिया पर बड़ा असर
नई दिल्ली। अमेरिका ने भारतीय कंपनियों सहित कई बड़ी आईटी कंपनियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी श्रम विभाग ने इन्हें ग्रीन कार्ड से जुड़े परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। इनमें इंफोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट को भी इस कार्यक्रम से सस्पेंड किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने इन कंपनियों पर ग्रीन कार्ड प्रोग्राम का दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
अमेरिका में स्थाई नौकरी के आधार पर ग्रीन कार्ड लेने की प्रक्रिया में परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम अहम भूमिका निभाता है। इसके तहत अमेरिकी श्रम विभाग से मंजूरी मिलने के बाद कोई भी कंपनी किसी विदेशी कर्मचारी को अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए स्पॉन्सर कर सकती है। कंपनी को यह बताना होता है कि संबंधित पद के लिए योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। इसके बाद विदेशी कर्मचारी को ग्रीन कार्ड मिलने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सोंडरलिंग ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन बड़ी कंपनियों पर पर्म व्यवस्था के दुरुपयोग के आरोप हैं। सोंडरलिंग ने कहा कि अमेरिका में इस व्यवस्था का दुरुपयोग माइक्रोसॉफ्ट से ज्यादा किसी और कंपनी ने नहीं किया है।

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